ShivJayanti in Nagpur with State Minister

Nagpur (Maharashtra) : ShivaRatri, which symbolizes the incarnation of Incorporeal Supreme Father Shiva, was celebrated grandly across 145 countries and 8,500 branches of the Brahma Kumaris. Across all 12 branches of Nagpur, the celebrations consisted of beautiful decorations, spiritual lectures, Incorporeal Shiva’s flag hoisting and cultural programs.

The current world is in chaos and confusion and fully filled up with vices. Natural calamities, civil wars and violence have become rampage. Hence Incorporeal Supreme God Father Shiva incarnates in the body of Prajapita Brahma and gives knowledge of the Soul, Supreme Soul, this whole world drama, and teaches Rajayoga meditation. This meditation empowers the self and boosts self-confidence. Human beings imbibe divine qualities like peace, love, power, purity, knowledge, happiness and bliss. Thus, God Father Shiva transforms this Iron Age into the Golden Age. Several state government ministers, police officials and government officials attended the celebrations.

At Vasantnagar, Maharashtra State Minister Sudhakar Deshmukh, Deputy Police Commissioner of Nagpur GS Rajmane, and other dignitaries were present during the Shiv Jayanti program.

BK Manisha, In-charge of Brahma Kumaris Nagpur, conducted a peaceful meditation session and BK Neelima hosted the celebrations.

In Hindi:

” परमपिता परमात्मा शिव ” का दिव्य जन्मोत्सव (अवतरणोत्सव) महाशिवरात्री महोत्सव विश्वभर में 145 देशों में ब्रह्माकुमारीज के 8500 सेवाकेन्द्रों पर बहुत ही उमंग उत्साह से मनाया गया। नागपुर शहर में ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय 12 सेवाकेन्द्र-विश्व शांति सरोवर, जामठा, इंद्रप्रस्थ भवन वसंत नगर, धरमपेठ, जयप्रकाशनगर, महल, छापरुनगर, सोनेगांव, दत्तवाडी, वानाडोंगरी, जागृती कॉलनी, जानकी नगर, बुटीबोरी आदि सेवाकेन्द्रों पर परमात्मा शिव की झॉकियॉ सजायी गयी, सारगर्भित प्रवचन के साथ ध्वजारोहन भी किया गया। नृत्य गीत आदि द्वारा कार्यक्रम की शोभा बढाई गई तथा सबको प्रसाद वितरण किया गया।
वर्तमान समय समस्त विश्व में मानव अपने भ्रष्ट आचरण एवं कर्मों में गिरावट के कारण आपस में स्नेह-सहयोग की भावना खो चुका है। उसके व्यक्तिगत जीवन में दुख, अशांति, पीडा का अनुभव कर रहा है। सारा संसार विकारों के आधिन होकर मानवीय मूल्य भुल चुका है। समस्त संसार में गृहयुध्द, प्राकृतिक आपदायें एवं एटोमिक वार की तैयारीया दिखाई दे रही है। ऐसे समय पर देवों के देव “परमपिता परमात्मा शिव” प्रजापिता ब्रह्मा के साकार तन में प्रविष्ठ होकर उनके मुखारविंद से मानव मात्र को ईश्वरीय ज्ञान, आत्मज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा देते है। जो इस राजयोग की शिक्षा को जीवन में धारण करते वह विकार जीत, कर्मेन्द्रिय जीत बन जाते है। उन्हें मनोबल, योगबल प्राप्त होकर मानसिक शांति का अनुभव करते है। उनके व्यवहार में प्रेम, आनंद, सहयोग, मधुरता, सौहार्द जागृत होता है और समाज में शांति का वातावरण निर्माण होता है। इस प्रकार परमपिता परमात्मा शिव अपनी राजयोग की शिक्षा से यह कलियुगी संसार सतयुगी संसार में बदलने का कार्य तीव्र गती से कर रहे है। इस प्रकार के सारगर्भित विचार ब्रह्माकुमारी रजनी दीदी, संचालिका ब्रह्माकुमारीज नागपुर ने 83 वी शिवजयंती महोत्सव में वसंतनगर स्थित सेवाकेंद्र पर व्यक्त किये। |

वसंतनगर में मनाये गये महोत्सव में प्रमुख अतिथी श्री सुधाकर जी देशमुख, राज्यमंत्री, महाराष्ट्र, विशेष अतिथी श्री राजमाने जी, डिप्टी पोलिस कमिश्नर, नागपुर, विशष अतिथी श्री अतुल जी पांडे, प्रेसिडेन्ट विदर्भ इंडस्ट्रियल असोसिएशन, सन्माननीय अतिथी श्री इंदरचंद जयपुरीयॉ- चेअरमन उजास इलेक्ट्रीकल्स प्रा. लि., सन्माननीय अतिथी श्री डॉ. सतिश जी कदम–लिडींग अॅनेस्थेटिक प्रैक्टिशनर, सन्माननीय अतिथी श्री आनंदजी कालरा, प्रेसिडेन्ट रोटरी क्लब, इशान्य नागपुर आदि उपस्थित थे।
ब्रह्माकुमारी मनीषा दीदी, सहसंचालिका ब्रह्माकुमारीज नागपुर ने बहुत ही मनोरम तरीके से सबको राजयोग का अभ्यास कराया, ब्रह्माकुमारी नीतु दीदी, संचालिका झिंगाबाई टाकली ने मंच संचालन किया तथा ब्रह्माकुमार प्रेमप्रकाश भाई ने सबका आभार प्रदर्शन किया।
विश्व शांति सरोवर जामठा में प्रमुख अतिथी श्री मनिष जी राठोड, असिस्टंट जनरल मैनेजर एअरपोर्ट अथॉरीटी ऑफ इंडिया नागपुर, विशेष अतिथी श्री संदीप जी गायकवाड, प्रिंसिपाल मोहनराव गायकवाड कॉलेज ऑफ इंजिनीयरींग तथा सन्माननीय अतिथी श्री पराग निमीशे, प्रिसिपाल साइन्स कॉलेज सावनेर आदि उपस्थित थे। ब्रह्माकुमारी नीलिमा दीदी ने मंच संचालन किया।