Seven-Day Program on “The Science of Yoga and Sanskar Re-Engineering”

Jhojhu kalan – Kadma (Haryana): At Jhojhu kalan – Kadma  Baba Gufadari Temple, the Patanjali Yoga Trust with the help of Indian scouts and guides arranged a seven-day program  on the topic “The science of yoga and sanskar re-engineering”.

On this occasion BK Vasudha shared her thoughts by saying that to make your life secure and peaceful every person should include the practice of Rajayoga meditation in their lifestyle. She also said that every morning with good positive thoughts one must start their day, which will make our mind powerful, and with physical exercises our body will also be healthy. With the combination of these aspects our sanskars will naturally be re-engineered.  Rajayoga meditation not only keeps a mind healthy but also strong. We also need to use our time and thoughts in more productive work; this happens by being in soul consciousness and connected with Supreme God Father. This is done only through Rajyaoga meditation.

Mr. Chand Singh Arya (Teacher) also conducted Physical Yoga and said that the Brahma Kumaris are doing splendid work and their teachings are exemplary. To develop every field of society and empower betterment in every one’s life is the only aim of all these teachings.

Mr. Bishen Singh Arya (Incharge of Indian Scouts and guides, jhojhu kalan) said with practicing physical yoga if one includes Rajayoga then our life will definitely be filled with positive energy and thus we can contribute towards positive work for our society.

On this occasion Ravindra Singh Sangwan (Director of Aryan coaching center and District Vice president of Patanjali Yog Trust), Master Sanju Sangwan and many youths were present.

Hindi News: 

झोझूकलां-कादमा(हरियाणा):– जीवन को सुरक्षित और शांतमय बनाने के लिए मनुष्य को अपनी जीवनशैली को व्यवस्थित करने के लिए प्रतिदिन राजयोग का अभ्यास करना चाहिए यह उद्गार झोझूकलां के बाबा गुफाधारी मंदिर में पतंजलि योग समिति, हिंदुस्तान स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा आयोजित साप्ताहिक “विशाल योग विज्ञान एवं संस्कार निर्माण शिविर” में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह अच्छे विचारों से अपने मन को ऊर्जावान बनाएं तथा शरीर के स्वास्थ्य के लिए व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं जिससे हमारी सोच सकारात्मक होगी तथा श्रेष्ठ संस्कारों का निर्माण हो सकता। ब्रह्माकुमारी बहन ने कहा राजयोग मेडिटेशन न सिर्फ हमारे मन को स्वस्थ रखता है बल्कि मन को भी सबल बनाता है। उन्होंने उपस्थित जनों को कहा कि हमें अपने समय संकल्प को श्रेष्ठ कार्य में लगाना चाहिए इसके लिए स्वयं को आत्मिक स्थिति में स्थित कर ईश्वर पिता से संबंध जो अपनी आंतरिक शक्ति को बढ़ाना चाहिए और यह राजयोग मेडिटेशन से ही संभव है। इस मौके पर आचार्य चांदसिंह आर्य ने शारीरिक योग का अभ्यास करवाया तथा कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा दी जाने वाली शिक्षाएं अनुकरणीय है समाज के हर वर्ग और क्षेत्र का विकास करना और सब के जीवन को उत्कृष्ट बनाना ही हम सभी का मूल उद्देश्य है।  हिंदुस्तान स्काउट्स एवं गाइड्स के झोझूकलां प्रभारी बिशन सिंह आर्य ने कहां की शारीरिक योगा के साथ साथ अगर राज योग का अभ्यास भी करें तो हमारे जीवन में अवश्य ही एक सकारात्मक ऊर्जा पैदा होगी जो समाज में सकारात्मक कार्य करने में अपना योगदान दे सकेंगे। इस अवसर पर आर्यन कोचिंग सेंटर के निदेशक एवं  पतंजलि योग समिति के जिला उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह सांगवान , मास्टर संजू सांगवान तथा सैकड़ों युवा उपस्थित थे।