Seminar on “Healthy Lifestyle” – Importance of Positive Thoughts in Life

Gwalior (Madhya Pradesh): Under the National Campaign of Arogya Bharati, a seminar was arranged by the Gwalior Chapter of Arogya Bharati on “Healthy Lifestyle” at the Sofia Homeopathy Medical College.

BK Prahlad was invited from the Brahma Kumaris to speak on “The Importance of Positive Thoughts in Life“.
Addressing the audience, he said, “What are Positive Thoughts? How Do They Affect our Life?”  He explained very clearly about the Mind, Intellect, Resolves (Sanskars), and Soul.  He said, “If we always think good, it will show positive effects in our Life.  In the same way, if we keep on thinking bad thoughts and have wasteful thoughts in Mind, our Life gets filled with negativity and we suffer accordingly.”  He said that critical situations do come in everyone’s life, but one must take it lightly as a game, and enjoy. Thus our Life becomes Peaceful, Blissful and Happier.  Further he said, “What we expect to receive from others, we must first start giving the same to all others because we receive back what we gave earlier to others in life.”
On this occasion, Dr. S. P. Batra, Regional Director of Arogya Bharati; Dr. Manjeet Kaur Bhalla, District Unit Organiser, Arogya Bharati; Mr. Gopal, Sangh (Pracharak); Faculty Doctors and Students of the Sofia Homeopathy Medical College were all present.
News in Hindi:

ग्वालियर स्थित सोफिया होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज में स्वस्थ जीवन शैली पर आरोग्य भारती का राष्ट्रीय अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत आरोग्य भारती जिला ग्वालियर संगोष्ठी में “सकारात्मक सोच का जीवन में महत्व ” विषय पर कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से मुख्य वक्ता के रूप में भ्राता बी के प्रहलाद को आमंत्रित किया गया I भ्राता जी  ने अपने उद्बोधन  में बताया कि सकारात्मक सोच क्या है? और इसका हमारे जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है ? भाई जी ने सभी को मन, बुद्धि, संस्कार और आत्मा के बारे में विस्तार से बतायाI उन्होंने बताया कि मन में जिस भी प्रकार के विचार आते हैं चाहे वह सकारात्मक हैं या नकारात्मक हैं उनका हमारे जीवन में वैसा ही प्रभाव पड़ता हैI   अगर हम मन से अच्छा –अच्छा सोचते हैं तो उसका जीवन पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है अगर हम मन से नकारात्मक,व्यर्थ सोचते हैं तो जीवन नकारात्मकता से भर जाता हैI भ्राता ने बताया कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां हर किसी के सामने किसी न किसी रूप में आती हैं और उन परिस्थितियों में सकारात्मक रहकर हम कैसे उन परिस्थितियों को एक खेल की भांति पार कर सकते हैं और जीवन को आन्दमय, सुखमय, शांतिमय बना सकते हैं I साथ ही आप जैसा व्यवहार अपने लिए दूसरों से चाहते हैं वह आपको पहले देना प्रारंभ करना पड़ेगा I

कार्यक्रम में डॉ. एस. पी. बत्रा (प्रांतीय अध्यक्ष, आरोग्य भारती), डॉ. मंजीत कौर भल्ला (जिला संयोजिका इकाई, आरोग्य भारती ), श्री गोपाल जी (संघ प्रचारक) और सोफिया होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज के अनेकानेक  फैकल्टी डॉक्टर्स  और स्टूडेंट्स उपस्थित थे I