Sadabad Brahma Kumaris Celebrate Jananashtami with Grandeur

Sadabad ( Uttar Pradesh ): The Sadabad center of Brahma Kumaris held Jananashtami celebrations with grandeur. Live tableaus depicting scenes from Sri Krishna’s life were the highlight of this occasion.

BK Bhavna, Senior Rajyoga Teacher, while speaking on this occasion said that today we must all pledge to become pure like Sri Krishna. The divine characteristics of Krishna’s being help us to understand many spiritual truths. Connecting with the Supreme Soul through Rajayoga helps in experiencing all Divine qualities.

BK Kiran said that we must try to understand the real spirit of every festival and celebrate it accordingly.  Becoming one like Sri Krishna by imbibing divine virtues, and taking powers from the Supreme Soul, will be the real celebration of Jananashtami.

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ”शिव शक्ति भवन” भवन में बुधवार  को प्रातः श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में चैतन्य झांकी व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव भी मनाया गया। कार्यक्रम में रास करते श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी ने सभी का मन मोह लिया ।
कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी भावना बहनजी ने कहा कि आज के दिन सभी संकल्प लें कि हम अपना जीवन श्रीकृष्ण के समान बनाएंगे। श्रीकृष्ण का जीवन 16 कला संपूर्ण, संपूर्ण निर्विकारी था। उनका हर एक कर्म आदर्श और पथप्रदर्शक था। उनके हर कर्म में श्रेष्ठता थी। ऐसे हम सभी का भी लक्ष्य होना चाहिए। सतयुग के प्रथम राजकुमार जैसा स्वयं को बनाने, उनके गुण धारण करना ही जीवन का लक्ष्य हो।  गुणवान व्यक्तित्व के धनी श्रीकृष्ण के  जीवन चरित्रों के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए मन की मल्लीनता को समाप्त करना होगा। स्वयं को गुणवान बनाने का लक्ष्य होना चाहिए। श्रीकृष्ण संपूर्ण पवित्र आत्मा है जो सर्वगुण संपन्न, सोलह कला संपूर्ण, संपूर्ण निर्विकारी, मर्यादा पुरुषोत्तम, सतयुग के प्रथम महाराजकुमार है। स्वयं परमपिता शिव परमात्मा की अनुकंपा से ही श्रीकृष्ण गुणवान बना है। मनुष्य को स्वयं में दिव्यगुणों को आत्मसात करने की शक्ति राजयोग के जरिए परमपिता शिव परमात्मा से ही मिलती है।
इस अवसर पर बी.के. किरन बहन ने कहा कि त्यौहारों केवल मनाने तक ही सीमित नहीं होने चाहिए बल्कि उनकी सार्थकता को समझने का प्रयास कर स्वयं के जीवन को चरित्रवान बनाने की मानसिकता होनी चाहिए। सत्यम् शिवम् सुन्दरम् परमात्मा के वरदान प्राप्त कर जीवन को चरित्रवान बनाने से ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्यौहार की सार्थकता सिद्ध होगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शिव शक्ति भवन में  सजाई गई चैतन्य झांकी  बाल-गोपाल की विभिन्न लीलाओं के प्रदर्शन से महौल कृष्णमय हो गया। ब्रह्माकुमार हरिदत्त शर्मा जी कृष्ण की महिमा में सुंदर सुंदर भजन सुनाए । इस मौके पर ब्रह्माकुमारी बबिता बहन , रामबाबू भाई , मिथलेश बहन , प्रशांत भाई , राधा बहन, पूजा बहन , कमलेश बहन , लक्ष्मी आदि भाई , बहिन उपस्थित रहे