RajYoga as Panacea Against Addictions

Kadma (Haryana): People lose control over their sense organs when the mind is weak. A weak mind easily gets addicted to various vices. Hence, practice of Rajayoga helps overcome vices and addiction, suggested BK Vasudha addressing a de-addiction camp here recently.

Indulgence in mobile, Internet, Television and social media devices like Facebook and WhatsApp have adverse effect on the minds of youth, said BK Vasudha.
 
“In meditation we learn to concentrate and strengthen our ability to face any situation in life, in addition to controlling the senses. Regular meditation early in the morning helps keep our senses in control and increases our worth,” said Sister Vasudha. She also administered an oath to participants against all kinds of addiction to lead a happy life.
 

In Hindi:

कादमा(हरियाणा):–मोबाइल, इंटरनेट, टीवी, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया लत के
माध्यम से युवा पीढ़ी दिशा भ्रमित हो रही है। ये समाज में प्रचलित नए नशे
हैं। नशा मुक्ति अभियान के तहत ये विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज
ईश्वरीय विश्वविद्यालय कादमा प्रभारी वसुधा बहन ने गांव मांढी हरिया
स्थित राजकीय महाविद्यालय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेरला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पिचोपा कलांं, नांधा, गोपालवास ,धनासरी गांवों में में व्यक्त किए।
गौरतलब है कि यह 9 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम महामहिम राज्यपाल हरियाणा
के निजी सचिव विजय दहिया, जिला उपायुक्त अजय तोमर, रेडक्रास हरियाणा
निदेशक डीआर शर्मा के निर्देशन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय
विश्वविद्यालय क्षेत्र के विद्यालयों व महाविद्यालयों में चलाया जा रहा
है। आयोजन के तीसरे दिन ब्रह्माकुमारी बहन ज्योति ने विद्यार्थियो को
बताया कि नशा वास्तव में मन की कमजोरी के कारण होता है। व्यक्ति का यदि
अपनी कर्मेन्द्रियों पर नियंत्रण हो तो नशे की लत से छुटकारा संभव है।
इसके लिए मन की चंचलता पर काबू पाना सीखना है जो वास्तव में राजयोग से ही
संभव है। राजयोग यानि की ऐसा योग जो राजा बना दे। एकाग्रता, धैर्य, संयम
को सिखाते हुए शरीर रूपी वाहन के चालक को ज्ञान देने वाले परमात्मा से
मिला दे वहीं है राजयोग। प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह महत्वपूर्ण है। सुबह
सुबह इसके अभ्यास से मन आत्मा स्वस्थ होती है। आत्मीय शक्तियां जागृत
होती है मन सबल बनता है फिर नशों व व्यसनों से मुक्ति सहज संभव हो जाती
है। आयोजन का आरंभ देश के लिए शहीद होेने वाले शहीदों की याद में दो मिनट
का मौन रखा गया। भ्राता धर्मवीर ने नशे से जुड़ने व छोडने के अपने अनुभव
सांझा किए। कालेज प्राचार्य डां अरूण सांगवान, विद्यालय प्राचार्य
सत्यवीर ने सारगर्भित व्याख्यान दिए। ब्रह्माकुमारीज कादमा व झोझूकलांं
प्रभारी वसुधा बहन ने प्रेरक कथाओं के माध्यम से छात्र छात्राओं को
स्वस्थ एवं नशा मुक्त समाज का संदेश दिया। आयोजन संचालन शिक्षक राजीव
अरोडा ने किया। इस दौरान ब्रह्माकुमारीज द्वारा नशा मुक्ति प्रदर्शनी
आयोजित की गई। बहन वसुधा ने उपस्थित जन समूह को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई।
इस अवसर पर सुरेश सरपंच धनासरी, विजेंद्र सरपंच नांधा, एडवोकेट हवा सिंह ,महाविद्यालय एवं विद्यालयी स्टाफ, ग्रामीण तथा विद्यार्थी
उपस्थित थे।