Program on “Value and Importance of Time” by Brahma Kumaris

Omkareshwar ( Madhya Pradesh ):  “In present hectic life, a person’s physical and mental balance is becoming deteriorated, because of which several diseases, problems and failures are also increasing like fast-growing weeds. Today he goes to bed late and wakes up too late, so his body’s total chemistry and life clock became spoiled and he is falling prey to extreme tension, lack of peace and depression. By getting up early at Brahma Muhurt (Auspicious Time), Knowledge, Power, Intellect and Health are achieved. One must wake up from bed at Brahma Muhurt (one and a half hours before Sunrise). This is very simple, easy and essential to remember God or Meditation. Mind gets peaceful and body gets sanctified by getting up early at this time. This keeps the person energetic the whole day. This is the formula to be successful and healthy in life.”

BK Narayan, National Co-ordinator of the Religious Wing of the Brahma Kumaris from Indore, addressed the villagers of Khagwada, enlightening them on the Value and Importance of Time. He further said, “One who gets up at Brahma Muhurt is always happy, successful and prosperous in life because he gets ample time to work out and plan for the whole day’s activities. Students achieve success in exams, an employee can keep his boss happy, one gets good returns in business, the sick recover fast, and success is ever-present at the feet of one who is healthy and makes proper use of Time.”

“A person who gets up early is a YOGI (Renunciate), he who gets up at Sunrise is a BHOGI (Worldly), and those who get up late after 8 am are ROGI (Sick). This is the “Value and Importance of Time”.

From 3 am to 5 am the lungs are full of life energy. At this time the practice of Aasanas (body posture exercise), Pranayam (breathing exercise) and Rajayog meditation fills the lungs with an abundant amount of Oxygen. Through that the working skill and capacity of the person greatly improves and his life span also goes up.

The program was inaugurated by lighting the lamps by BK Narayan, BK Shivkanya, Mr. Hukum Chand, Mr. Ramlal and Mr. Devram; the Social Workers of the area were also present on the occasion along with the villagers.

The whole function was organised and directed by BK Shivkanya who gave an introduction of the Brahma Kumaris and its activities to the public.

In Hindi:

सफलता व आरोग्य  उसे मिलता है जो ब्रह्म मुहूर्त में उठता है ।

ओकारेश्वर : वर्तमान समय भागदौड़ की जिंदगी में व्यक्ति का मानसिक व शारीरिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है जिससे अनेक रोग, समस्या, असफलता, विध्न  खरपतवार की तरह बढ़ते जा रहे हैं। आज मानव देरी से सोता देरी से उठता है तो शरीर की सारी बायोकेमेस्ट्री ,जैविक घड़ी बिगड़ जाती है ।जिससे मानव अति तनावग्रस्त, अशांत ,अवसाद का शिकार होता जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त के समय उठने से बल, विद्या, बुद्धि व स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। सूर्योदय से डेढ़ घंटे पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाना चाहिए। ईश्वर की याद के लिए यह सहज व सरल है ।इस समय उठने से उसका मन शांत व तन पवित्र होता है ।दिन भर स्पूर्ति बनी रहती है। स्वस्थ रहने व सफल होने का फार्मूला है। यह विचार इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभाग के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने ग्राम खगवाड़ा में ग्राम वासियों को संबोधित कर रहे थे। ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाला व्यक्ति सफल, सुखी और समृद्ध होता है क्योंकि जल्दी उठने से दिन भर के कार्य व योजनाओं को बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। इससे न केवल जीवन सफल होता बल्कि शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने वाला व्यक्ति सुखी और समृद्ध हो सकता है। विद्यार्थी परीक्षा में सफल रहता है ।जोब में करने वाले से बोस खुश रहता है ।यापारी अच्छी कमाई कर सकता है ।बीमार आदमी की बीमारी जल्दी ठीक होने लगती है। सफलता उसी के कदम चूमती है जो समय का सदुपयोग करें और स्वस्थ रहें ।सवेरे जल्दी उठने वाला योगी, सूर्योदय के समय उठने वाला व्यक्ति भोगी व इसके बाद अर्थात 8:00 बजे के बाद उठने वाला व्यक्ति रोगी कहलाता है। इतना इस समय का महत्व है। प्रातः 3:00 से 5:00 बजे तक जीवन शक्ति विशेष फेफड़ों में होती है उस समय राजयोग ,आसन ,प्राणायाम करने से फेफड़ों में पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचती है उसकी कार्य क्षमता बढ़ती है। दीर्घायु होती है ।कार्यक्रम का संचालन, संस्था का परिचय ब्रह्मा कुमारी शिव कन्या ने दिया। सभा में अनेक ग्राम वासियों के साथ हुक्म चंद जी, रामलाल जी, देव राम जी समाज सेवी उपस्थित थे ।