“Key To Happiness” and “Memory Management” Programs by Brahma Kumaris, Raipur

Raipur ( Chhattisgarh ): A Workshop on memory management was organized by the Nakoda Group of Raipur at Vrindavan Hall located in Civil Lines.  Managing Director of the Nakoda Group Virendra Goel said that in the present day, people are just running or chasing to achieve their goal by which they are failing to live a life full of happiness. He added that renowned international motivational speaker BK Shakti Raj Singh’s session of two hours on the topic “Password of Happiness” will enlighten people on how to achieve true happiness.

Brahma Kumaris Raipur organized a program called “Key To Happiness”. The chief speaker on this occasion was International mind and memory management trainer BK Shaktiraj Singh. Interacting with the audience on the topic “Constructive Inclination of the mind” , he said that we have institutions for every course in the country except mind management. This is taught by the Brahma Kumaris through the medium of Rajayoga meditation.

He said that curbing waste thoughts and increasing positive thoughts through the power of meditation leads to increased success and happiness in relationships. We, all being the children of the same Supreme Soul, are like brothers and sisters. So there should be no dissent in the society if this fact is remembered. Mind management leads to the automatic settlement of other issues in life.

News in Hindi:

खुशियों की चाबी नामक कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ राज्य के महालेखाकार राजीव कुमार ने किया

१. जीवन में खुशियाँ बहुत हैं लेकिन हम उसका पासवर्ड भूल गए हैं…
२. तनाव से बचने के लिए हर बात में खुशियाँ ढूँढने का प्रयास करें…

रायपुर: इन्टरनेशनल माइण्ड व मेमोरी मैनेजमेन्ट ट्रेनर ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह ने कहा कि हमारे जीवन में खुशियाँ बहुत हैं लेकिन हम उसका पासवर्ड भूल गए हैं। कई लोग खुशी को भविष्य में ढूँढते रहते हैं। जो कि ठीक नहीं है। भूतकाल सपना है, भविष्य काल कल्पना है किन्तु वर्तमान तो अपना है। इसलिए वर्तमान में हर छोटी सी छोटी चीज में खुशियाँ ढूँढने का प्रयास करें। खुशियों का रिमोट कन्ट्रोल अपने पास रखें।
ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा मार्ग पर स्थित शान्ति सरोवर मेंं आयोजित खुशियों की चाबी नामक कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ राज्य के महालेखाकार राजीव कुमार और क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। ब्रह्माकुमार श्क्तिराज ने आगे कहा कि पैसा हमको कम्फर्ट दे सकता है खुशी नहीं। खुशी के लिए हमारी सोच जिम्मेदार होती है। मन में उत्पन्न नकारात्मक विचार हमें बीमार बना रहे हैं।
तनाव से बचने हेतु मन को दोस्त बना लें: ब्रह्माकुमार श्क्तिराज ने बतलाया कि अधिकांश बीमारियाँ मन से पैदा होती हैं। चिन्ता, तनाव, भय, दु:ख और अशान्ति के कारण बीमारियाँ बढ़ रही हैं। इसलिए खुश रहने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि मन को अपना दोस्त बना लो। जब हम तनाव में होते हैं तो इससे हमारी धमनियों में ब्लाकेज होना शुरू हो जाता है। कोलस्ट्रोल बढ़ता जाता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

पद और पोजीशन को भूल बच्चा बन जाएं: उन्होंने कहा कि निगेटिव एनर्जी को खत्म करने का अच्छा तरीका है कि हम मुस्कुराना सीखें। मुस्कुराने से हम अस्सी प्रतिशत से अधिक बीमारियों से बच जाते हैं। इससे हमारे अन्दर की नकारात्मकता तो खत्म होती ही है साथ ही वायुमण्डल में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। एक बच्चा सारे दिन में तीन सौ से अधिक बार मुस्कुराता है। उसी प्रकार आप भी पद और पोजीशन भूलकर बच्चा बन जाइए तो तनावमुक्त हो जाएंगे।

बाहरी स्वच्छता के साथ मन की स्वच्छता भी जरूरी: उन्होंने आगे कहा कि यदि खुश रहना है तो स्वयं को डस्टबिन न बनने दें। कोई आकर आपसे निन्दा ग्लानि, चुगली करता है तो हाथ जोड़कर उससे कहें कि मैं डस्टबिन नहीं हूँ। अपना कचरा कहीं और जाकर डालें। बीमारियों से बचना है तो स्वच्छ बनना पड़ेगा। हमारे देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है। लेकिन सिर्फ बाहरी स्वच्छता से काम नहीं चलेगा। आन्तरिक स्वच्छता भी जरूरी है। ब्रह्माकुमारी संस्थान मन को स्वच्छ बनाने का काम कर रही है।