Kerela Governor Addresses Administrative Wing E-Conference by Brahma Kumaris

Gurgaon ( Haryana ): The Om Shanti Retreat Center of the Brahma Kumaris at Bhora Kalan in Gurgaon held an E-Conference by the Administrative Wing of the Rajayoga Education and Research Foundation. The topic of this Conference was “Facing Challenges Through Spirituality.” Arif Mohammad Khan, Honorable Governor of Kerala, was the Chief Guest on this occasion.

Honorable Governor Arif Mohammad Khan, in his remarks, appreciated the efforts of the Brahma Kumaris in bringing positive change in human lifestyle, through Rajayoga, since 1936. The coronavirus pandemic has forced us to have a relook at our lifestyles, vision and dialogue.  Every challenge brings an opportunity.  The role of the administrators becomes very important in challenging times.  An able administrator must have moral, spiritual and yogic strength.  This is possible only through spiritual empowerment.

BK Asha, Director of Om Shanti Retreat Center, in her speech, said that we must accept all challenges and view them as opportunities.  Every challenge tests our inner strength. A spirit of cooperation and mutual appreciation helps solve many problems.  Spirituality gives faith in one’s own self.

BK Brij Mohan, Additional Secretary General of the Brahma Kumaris, said that the root cause of today’s problems is an imbalanced life style.  This can be rectified through spirituality. Keeping materialism supreme has made us forget spirituality.  This can be found again through yoga.

Rajaraman, Additional Secretary in Finance Ministry, Government of India,  talked about the role of people’s representatives during a crisis like covid 19. He apprised the audience about the many public welfare schemes (plans) by the Government.  This E-Conference will inspire the administrators to perform better.

Roger Gopal, High Commissioner of Trinadad and Tobago to India, said that we must all come together to face the challenge of coronavirus.  This E-Conference will give a new direction to administrators. Positive lifestyle gives peace and harmony.

Dr. Rajneesh Dube, Principal Secretary, Health Ministry, Government of Uttar Pradesh, said that spirituality is the best method to handle a crisis like this pandemic. He had asked the Brahma Kumaris sisters to hold a special program for his department, which gave new energy to everyone.

Kiran Mani, MD, Google, while speaking in the Concluding session of this E-Conference, said that spirituality makes us delve deep within ourselves and put problems in perspective.

BK Nirwair, Secretary General of the Brahma Kumaris, said that fear and anxiety, due to the pandemic, decreases people’s immunity.  With spiritual awakening we reach a higher level of conscience that removes fear and anxiety. Elevated thinking and self study gives power to handle challenges.

BK Jayanti, BK Radha, BK Urmil, BK Poonam, BK Laxmi, Dr. Mohit Gupta and BK Bharat also shared their views on this occasion.

News in Hindi:

प्रेस विज्ञप्ति ब्रह्माकुमारीज द्वारा प्रशासक वर्ग के लिए ई-सम्मेलन का आयोजन एक अके प्रशासक के लिए नैतिक, आत्मिक और यौगिक बल पारी – आरिफ मोहम्मद 

आध्यात्मिकता ही चुनौतियों से निपटने का एकमात्र साधन 

ब्रह्माकुमारीज़ संस्था आध्यात्मिकता के द्वारा समाज में सकारात्मक जीवन पद्धति को बढ़ावा दे रही है। उक्त विचार केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान ने ब्रह्माकुमारीज के ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर द्वारा प्रशासक वर्ग के लिए आयोजित तीन दिवसीय ई-सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किये। आध्यात्मिकता से चुनौतियों का सामना विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी ने हमें अपनी जीवनशैली, दृष्टिकोण, हमारे बातचीत के तरीकों को एक नये सिरे से दोबारा देखने के लिए विवश किया है। उन्होंन कहा कि हर संकट अपने साथ एक नया अवसर लाता है। लेकिन उस अवसर का फायदा हम तभी ले सकते हैं जब स्वयं को वास्तविकता के साथ सही तरीके से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासकों की भूमिका ऐसे समय पर बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। एक अच्छे प्रशासक के लिए नैतिक, आत्मिक और यौगिक बल बहुत ज़रूरी हैं, जोकि आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही संभव है। उन्होंने कहा कि गीता भी हमें संदेश देती है कि परस्पर सहयोग से हम आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज 1936 से राजयोग के द्वारा मानव की जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इस अवसर पर ओआरसी की निदेशिका बी.के.आशा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हमें किसी भी समस्या को समस्या नहीं बल्कि एक चुनौती के रूप में देखना है। कोई भी घटना हो हमें उसे स्वीकार करना है। उन्होंने कहा कि हमें अपने वर्तमान को अच्छा बनाना है। उन्होंने कहा कि कोई भी परिस्थिति हमारी आंतरिक शक्तियों और कौशल की पहचान देती है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ही हम किसी भी समस्या का सामना कर सकते हैं। सहयोग के लिए स्वयं में प्रशंसा और सम्मान जैसे गुणों का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता स्वयं में विश्वास पैदा करती है। मानव जीवन का सबसे श्रेष्ठ कर्म दुआएं देना और दुआएं लेना है। संस्था के अतिरिक्त सचिव बी.के.बृजमोहन जी ने कहा कि वर्तमान समय की समस्याओं का मूल कारण अमर्यादित जीवन शैली है। आध्यात्मिकता से दूर होने के कारण ही मानव ने इन संकटों को आमंत्रित किया है। आध्यात्मिकता के समावेश से ही हम इनसे मुक्त हो सकते हैं। भौतिक चीजों को ही प्रधान समझने के कारण हम अपनी आत्मिक क्षमताओं को भूलते चले गये। योग के द्वारा हम स्वयं की आंतरिक शक्तियों को जागृत करते हैं।

दूसरे दिन के सत्र में वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव राजारमन ने कहा कि आज के इस संकट के दौर में लोगों के जीवन को बचाने में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सरकार द्वारा किये जा रहे अनेक जनकल्याण के कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किया जा रहा सम्मेलन, प्रशासकों के लिए एक नई प्रेरणा का कार्य करेगा। त्रिनिदाद एंड बैगो के उच्चायुक्त येजर गोपाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज भले ही हम अलग देश और अलग धर्म से हों लेकिन आज सबके सामने एक ही परिस्थिति है। इसलिए हमें उसका सामना भी मिलकर ही करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति ने जीवन को बदल दिया। हमें इन चुनौतियों का सामना बहुत ही सकारात्मक तरीके से करना होगा। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित ये सम्मेलन हमें अवश्य ही एक नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही जीवन में शांति और सद्भावना आ सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव डा.रजनीश दुबे ने बताया कि आध्यात्मिकता ही मात्र एक माध्यम है, इस प्रकार के संकट का सामना करने के लिए। उन्होंने कहा कि मैंने ब्रह्माकुमारीज़ बहनों के द्वारा अपने विभाग से जुड़े लोगों के लिए विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन कराया। जिससे कि उनमें एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।

सम्मेलन के समापन सत्र में अपने विचार व्यक्त करते हुए गूगल के प्रबंध निदेशक किरण मणी ने कहा कि आध्यात्मिकता से हम स्वयं के भीतर गहराई में जाते हैं जिससे अपने को चुनौतियों से ऊपर पाते हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागृति से ही हम किसी भी संकट का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं।

इस अवसर पर विशेष रूप से संस्था के मुख्य सचिव बी.के.निवेर ने कहा कि वर्तमान संकट के कारण लोगों में जो भय और चिंता के अनेक विचार पैदा हो रहे हैं उससे भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागृति से जब हम स्वयं की चेतना को ऊँचे स्तर पर ले जाते हैं तो भय और चिंता स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं। श्रेष्ठ चिंतन और स्वाध्याय से हमारे में इन चुनौतियों का सामना करने की शक्ति आती है। उन्होंने कहा कि यदि हम शुद्ध आहार और शुद्ध विचारों को अपनाते हैं तो न केवल हम स्वयं भी सुरक्षित रहते हैं बल्कि दूसरों के लिए भी सुरक्षा चक्र बनाते हैं।

जी.बी.र्पत हास्पिटल के हदयरोग विशेषज्ञ घ.मोहित गुप्ता ने कहा कि शरीर की देखभाल के साथ-साथ हमें अपने मन का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे मन के नकारात्मक विचार ही सबसे बड़ा संकट पैदा करते हैं। अगर हमारा मन सकारात्मक और सशक्त होगा तो उसका शरीर पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है और हमारे संबंध भी बेहतर होते हैं। हमारे श्रेष्ठ विचार ही ऊर्जा के सबसे बड़े माध्यम हैं।

इस अवसर पर बी.के. जयन्ती, बी.के.राधा, बी.के.उर्मिल, बी.के.वीना, बी.के.पूनम, बी.के. लक्ष्मी एवं बी.के.भरत सहित संस्था के अनेक वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।

You Tube link to watch the e-conference :