Jananashtami Celebrations by Brahma Kumaris Kadma

Kadma ( Haryana ): The Brahma Kumaris service center of Kadma in Haryana celebrated the Jananashtami festival with warmth and gratitude.  BK Vasudha, Incharge of the Kadma service center, said that if we observe this festival by trying to purify our food, thoughts and behaviour to become a fully enlightened being like Krishna, only then can this country enter the Golden Age again.

BK Vasudha further said that today people are divided amongst many faiths,  sects and religions.  As a result, there is so much chaos and social disharmony. To counter this moral degradation of the society, it is necessary to propagate and inculcate the Divine qualities of Sri Krishna.  A Spiritual path is the only way for this.

She urged everyone to sit daily in Rajayoga Meditation for some time in the morning. Rajayoga is a technique that concentrates the mind and helps to connect with the Supreme Soul.  This connection enables the experience of the latent powers of the mind. Joy, peace and prosperity come naturally with the practice of Rajayoga Meditation.  If we work on self transformation, only then can a Golden Bharat be formed.

News in Hindi:

कादमा(हरियाणा):आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में धारण कर  आहार, व्यवहार, विचार का शुद्धीकरण से  श्री कृष्ण समान 16 कला संपूर्ण बनने के संकल्प के साथ जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाए तभी भारत देश पुनः सोने की चिड़िया कहला सकता है  यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा के तत्वावधान में सेवाकेन्द्र पर जन्माष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित  कार्यक्रम में  सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी  वसुधा बहन ने व्यक्त किए उन्होंने कहा कि आज मानव अनेक प्रकार के जाति धर्म रंगभेद मैं फस दुखी अशांत है जिसके कारण सामाजिक परिस्थितियां बढ़ती जा रही है और समाज में नैतिकता का पतन हो रहा है इसलिए हमें आवश्यकता है श्री कृष्ण समान दिव्य गुण शक्तियां धारण करने की क्योंकि तभी हम समाज को नई दिशा व दशा प्रदान कर सकते हैं ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने कहा की जब तक दिव्य गुणों की खुशबू से नर नारी का मन मंदिर नहीं बनेगा तब तक श्री कृष्ण इस धरा पर कैसे आ सकते हैं इसलिए अगर हम सचमुच श्री कृष्ण को देखना चाहते हैं उनके साथ रास करना चाहते हैं तो हमें स्वयं में झांकना होगा अध्यात्म को अपनाना होगा। उन्होंने कहा की हम हर रोज अपने दैनिक कार्य करते हुए कुछ पल स्वचिंतन वह प्रभु चिंतन के लिए अवश्य निकालें इसके लिए हमें मेडिटेशन राजयोग की अति आवश्यकता है राजयोग एक ऐसी वैज्ञानिक व आध्यात्मिक पद्धति है जिससे मन एकाग्र हो परमपिता परमात्मा से जुड़ता है वह असीम शक्तियों की अनुभूति करता है जिससे मन में सुख शांति आनंद प्रेम की अनुभूति सहज होने लगती है। इसलिए अगर हम चाहते हैं स्वर्णिम भारत का निर्माण करने की तो कुछ पल हमें खुद के लिए अवश्य निकालने होंगे तभी हमारा यह त्योहार मनाने सार्थक सिद्ध होंगे।