Janamashtami Celebrations by Brahma Kumaris Dhamtari

Dhamtari ( Chhattisgarh ): The festival of Janamashtami was celebrated with fervor by the Brahma Kumaris of Dhamtari.  Celebrated as the birthday of Sri Krishna, many kinds of foods were offered to the Divine on this occasion.

BK Sarita shared the Spiritual significance of Janamashtami with the audience.  She said that a Golden Age of Sri Krishna will dawn soon in which happiness and prosperity will reign supreme. Purity will be the basis of life.  For this to happen, the knowledge of the Supreme Soul needs to reach everyone, so that negative tendencies in human beings can be destroyed  forever.

Krishna symbolizes Universal Divine love, complete control over the sense organs and the mind. Real Janamashtami celebration means imbibing these qualities of Sri Krishna.

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धमतरी:  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय धमतरी के तत्वावधान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सेवाकेंद्र पर श्रीकृष्ण जी को माखन मिश्री फल ,केक और पंजरी का भोग लगाया गया।ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा निकट भविष्य में श्रीकृष्ण की दुनिया आने वाली है जहां सोने के महल होंगे,दूध घी की नदिया बहती थी।हर बालक श्रीकृष्ण समान और हर बाला राधे समान थी,सम्पूर्ण पवित्रता थी।लेकिन ऐसी दुनिया लाने के लिए वर्तमान समय हमे कलयुग की ईस अंतिम बेला में स्वयं निराकार परमपिता परमात्मा शिव गीता का सच्चा ज्ञान देकर आत्माओं के पापों को धो रहे है।ज्ञान की मुरली बजाकर आत्माओं को पावन बना रहे है।
श्रीकृष्ण का मोह किसी में नहीं था लेकिन प्रेम सबसे था इसलिए उसे मोहन कहा,श्री कृष्ण को कर्मेंद्रिय जीत,प्रकृति जीत, मनजीत, जगतजित कहा।
हमे भी सिर्फ जन्माष्टमी मनानी नहीं है लेकिन उनके जैसा सुखदाई,पवित्र,गुणों में सुंदर बनना है।ब्रह्मा कुमार मयूर भाई ने बहुत ही सुंदर गीत प्रस्तुत किया,जिसके बोल थे भारत फिर भरपूर बनेगा कोई नहीं कमी होगी ।