Governor of Tripura Appreciates Brahma Kumaris

BK Sheela giving Godly gift to Governor of Tripura

Guwahati (Assam): His Excellency Professor Kaptan Singh Solanki, Governor of Tripura, inaugurated the National Conference of Scientists and Engineers on the topic “Re-engineering Life” held at Guwahati.

He appreciated the activities of the Brahma Kumaris in his inaugural address. He explained that the 17th Century was the British Century, the 18th Century was the French Century, the 19th Century was the German Century, the 20th Century is the American century and the 21st Century will be the Indian (Bharat’s) Century. The Brahma Kumaris are playing a major role in transforming India. Efforts of the Brahma Kumaris will definitely bring a Golden Age in Bharat. He also appreciated the service of the Scientists and Engineers Wing of the Rajayoga Education and Research Foundation and the Brahma Kumaris. He inspired all engineers to become honest engineers and play an important role in bringing the Golden Age.

BK Sheela, Sub zone Incharge, Guwahati, welcomed all the dignitaries and the 700 engineers participating in the National Conference on Re- Engineering Life.

BK Mohan Singhal, Vice Chairperson of the Scientist and Engineers Wing, explained the meaning of soul, that is, Science of Unique Light. By experiencing the unique light, Re-engineering of Life is possible.

BK Bharat Bhushan, National Co-ordinator of the Scientist and Engineers Wing, explained the problems of India which start from the 4 Ps: Poverty, Population, Pollution and Power Hunger. The Brahma Kumaris are eradicating all problems by 4Ps: Purity, Peace, Practice and Purpose.

Anil Bhuyan, former Chief Engineer, also explained the importance of Rajayoga for Re-Engineering. BK Mausami conducted Meditation and BK Kavita, Incharge of Brahma Kumaris in Agartala, conducted the stage program.

In Hindi:

गुवाहाटी:  त्रिपुरा के गवर्नर प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने 9 दिसंबर, रविवार को गुवाहाटी में वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने उद्घाटन में ब्रह्माकुमारीस  की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने 17 वीं शताब्दी में ब्रिटिश शताब्दी की व्याख्या की, 18 वीं शताब्दी फ़्रान्स सेंचुरी थी, 19वीं शताब्दी जर्मनी शताब्दी थी और 20 वीं शताब्दी यू.एस. शताब्दी थी और 21 वीं शताब्दी भारत शताब्दी होगी। भारत को बदलने के लिए ब्रह्माकुमारीस  मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। ब्रह्माकुमारीस  के प्रयास से भारत में निश्चित रूप से स्वर्ण युग आ जाएंगे। उन्होंने ब्रह्माकुमारीस , वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स विंग की सेवा की भी सराहना की। उन्होंने सभी इंजीनियरों को ईमानदार अभियंता बनने और स्वर्ण युग लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

बी के शीला, उप क्षेत्र प्रभारी, गुवाहाटी ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और 700 इंजीनियरों ने पुन: इंजीनियरिंग जीवन पर राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया। बी के मोहन सिंघल, वैज्ञानिक और इंजीनियर्स विंग के उपाध्यक्ष ने आत्मा के अर्थ को समझाया, यानी अद्वितीय प्रकाश का विज्ञान। जीवन के अद्वितीय प्रकाश द्वारा पुनरभियांत्रीकरण का अनुभव करना  संभव है। बी के भारत भूषण वैज्ञानिक और इंजीनियर्स विंग के राष्ट्रीय समन्वयक ने भारत की समस्याओं के बारे में बताया जो 4 P  यानी गरीबी, जनसंख्या, प्रदूषण और सत्ता की भूख  से शुरू होता है। ब्रह्माकुमारीस  4 P यानी, शुद्धता, शांति, व्यावहारिक और उद्देश्य से सभी समस्याओं को खत्म कर रहे हैं।

भाई अनिल भुयान, पूर्व मुख्य अभियंता ने पुन: इंजीनियरिंग के लिए राजयोग के महत्व को भी समझाया। बी के मौसमी ने राजयोग अभ्यास कराया। बी के कविता इंचार्ज अगरतला ने मंच का संचालन किया।