E-Janmashtami Cultural Program by Brahma Kumaris Chhatarpur

Chhatarpur ( Madhya Pradesh ): This year, Janmashtami was celebrated online by the Brahma Kumaris of Chhatarpur due to the corona pandemic. Earlier, they used to celebrate with great pleasure by exhibiting live Jhankis (tableaux) of episodes of Krishna’s acts as a child, and inviting the public in large numbers. To keep the spirits of citizens high, an online program was also presented with a lot of zeal and enthusiasm.

BK Vidya, Khajuraho Centre in Charge, said that India will once again become prosperous and plentiful when Sri Krishna will be the Ruler. There, every girl will be a Radha and every boy as a Krishna. Each and every one will be full of Divine Qualities. Such a World is going to arrive where there won’t be any ugly traits such as anger, hatred and jealousy, etc.  The Festival of Krishna’s Birth is indicative of the future arrival of that World.
BK Rama said that Sri Krishna was fearless. Even under critical situations, he was always all smiles. Similarly, we too must not be so afraid of corona; rather, following all the instructions of Doctors, we can defeat the virus with our cheerfulness.
 
In the same context BK Rina and BK Rupa, narrating the life of Sri Krishna, said that in fact he must be called a Peace Messenger, which is more appropriate. It is because sacrificing his Name and Fame many times, he went to Dwarika in search of Peace.
 
Overall highlights of the program were the performances of little children, Kumaris Sakshi, Gouri, Shivanshi, Sarika, Roshani, Salvi, and Kannagi, and Kumars Sachin and Chhatrasal.
 
At the end of the function Centre in Charge BK Shailaja presented divine food to Sri Krishna and served the bhojan to those who were there. She gave her Greetings and Vote of Thanks to all the participants online. 
 
BK Kalpana coordinated the shows in the event.
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बदले हुए स्वरूप में

छतरपुर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय छतरपुर में ऑनलाइन जन्माष्टमी का कार्यक्रम यूटयूब चेनल के मध्यम से किया गया। ब्रह्मकुमारीज़ छतरपुर में हर वर्ष बड़े धूमधाम से चैतन्य झांकी सजाकर, श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं करके सभी श्रीकृष्ण प्रेमियों को विद्यालय प्रांगण में आमंत्रित किया जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष कोरोना के चलते ऑनलाइन कार्यक्रम भी बड़े हर्ष उल्लास से मनाया ताकी नगरवासी सूनापन अनुभव न करें।

कार्यक्रम में खजुराहो सेवाकेन्द प्रभारी ब्रह्माकुमारी विद्या बहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत फिर से सम्पन्न और भरपूर बनेगा जहां श्रीकृष्ण का राज्य होगा। हर एक वाला राधा हर बालक कृष्ण कन्हैया होगा सभी दिव्य गुणों से भरपूर होंगें ऐसी दुनियां आने वाली हैं जहां राग द्वेष, नफरत जैसी कुरुप भावनायें नहीं होगी। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव उसी दुनियां के आने का उत्सव हैं। वहीं बी,के रमा ने अपने विचार रखते हुये कहा कि जैसे श्रीकृष्ण किसी से भयभीत नही हुये विकट परिस्थितियों मे भी मुस्कुराते रहे ऐसे ही हमें भी कोरोना से डरना नहीं है बल्कि मुस्कुराते हुए और डॉ द्वारा बताये गये नियमों का पालन करते हुए हम कोरोना को हरा सकते है।

इसी तारताम्य में बी.के रीना एवं बी.के. रुपा बहन ने भी श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र को चित्रित करते हुये कहा कि श्रीकृष्ण को सही अर्थों में शांति दूत कहना उचित होगा क्योंकि उन्होंने कई बार अपने नाम, मान का भी त्याग करके शांति की तलाश मे ही मथुरा छोड़, द्वारिका बसा ली।

कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केन्द्र हमारे बाल-कलाकार कुमारी साक्षी, गौरी, शिवांशी, सारिका, रोशनी, कन्नगी, सैल्वी और सचिन भाई, छत्रसाल भाई रहें। जिनकी मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में छतरपुर सेवा केन्द्र प्रभारी आदरणीय शैलजा बहनजी ने श्रीकृष्ण और भक्तों को भोग खिलाया और सभी के प्रति अपनी भावनायें और धन्यवाद प्रकट किया। मंच का कुशल सचालन बी के कल्पना ने किया।

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