“Challenges in Online Education, Solutions Through Spirituality” : Webinar by Brahma Kumaris Dhamtari

Dhamtari ( Chhattisgarh ): Brahma Kumaris of Dhamtari observed Teacher’s Day on the subject “Challenges in Online Education, Solutions Through Spirituality.” A Discussion was conducted in a Webinar with Chief Speaker BK Saras and Mr. Vinod Kumar Pandey, Principal of Gyanamrut School.  Principal of Nutan Higher Secondary English Medium School, Mrs. Namrata Pathhak, was also a speaker.

In her observation, BK Saras said, “Dr. Sarvepalli Radhakrishna was of the opinion that if Education is imparted in a proper way, the evil prevalent in the society can be eradicated. He became the Second Indian President after serving as Vice President from 1952 to 1962. Celebrating the Birth Day of such a Great Majesty as Teacher’s Day is a great privilege for all of us. In absence of a Teacher, there would have been no Doctors nor any Engineers. All over the Ignorance would have existed” Further she said that Teacher-“Shikshak” is composed of three letters, “Shi”, “Ksha” and “K”. “Shi” for “Shikhar”- “Peak”- One who guides to the Peak. “Ksha” is for “Kshama”- “Excuse”- One who excuses and “K” for “Kami-Kamjori”- “Flaws and Weaknesses”- One who removes all our flaws and weaknesses.
“The Whole World is struggling with the pandemic of covid-19 at present, greatly affecting the Field of Education. Thus, the future of the Nation is also affected because Education only builds the Nation. There are many challenges in the present Online Education. Every student doesn’t have Digital devices, Internet problems are also there, children are missing school days causing loss of concentration on their studies. Spirituality contains the solution for all these problems. If Meditation is practiced daily, the Future will be better,” she said.
Mr. Vinod Kumar Pandey said, “If this Online Education is continued for a long time, it will be harmful, Mentally and Physically, for the entire Society. Meditation is very much essential to be saved, for which Spiritual teachers, who can teach Positive Thinking, must be sought for their cooperation.”
Mrs. Namrata Pathhak said that during Online studies, parents are mostly responsible because their children learn at home. They are required to watch the activities of children sitting with Mobile and Laptop, take care of their health and keep them always positive.
In this webinar students also took part. Megharam Rakhyani, Rohan Sahu and Naitik Ozha among the participants shared their opinions.  The Online Program was conducted by BK Prajakta.
News in Hindi:
धमतरी : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय धमतरी के तत्वावधान में आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन शिक्षा में चुनौतियां और अध्यात्म द्वारा उसका समाधान विषय पर वेबीनार रखा गया।जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्मा कुमारी सरस बहन ने कहा , डॉक्टर सर्व पल्ली राधाकृष्णन  उनकी मान्यता थी अगर सही तरीके से शिक्षा दी जाए तो समाज के अंदर की बुराइयों को परिवर्तन  किया जा सकता है।सन 1952 से 1962 तक उप राष्ट्रपति पद पर बने रहने के बाद भारत के द्वितीय राष्ट्र पति बने।ऐसे महान विभूति का जन्म दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाना हम सभी के लिए बहुत ही गर्व की बात है।शिक्षक नहीं होता तो न कोई डॉक्टर होता न इंजिनियर होता।हर तरफ अशिक्षा और अज्ञानता का वास होता।
आगे उन्होंने कहा शिक्षक 3 अक्षरों से मिलकर बना है।शी से शिखर पर ले जाने वाला,क्ष से क्षमा करने वाला, क से कमी कमजोरियों को दूर करने वाला।कोविड 19 से वर्तमान पूरा विश्व जूझ रहा है,इसका सबसे जादा प्रभाव शिक्षा जगत पर पड़ा है।क्योंंकि इसने देश के भविष्य पर चोट पहुंचाई है।क्योंंकि आज की शिक्षा कल के राष्ट्र का निर्माण करती है।
वर्तमान ऑनलाइन शिक्षा में बहुत चुनौतियां हैं,हर बच्चे के पास डिजिटल साधन नहीं होते,इंटरनेट की प्रॉब्लम,साथ ही बच्चे स्कूल के दिनों को बहुत मिस कर रहे है।एकाग्रता में कमी आ रही है।आध्यात्म में ही उसका समाधान है।प्रतिदिन मेडिटेशन का अभ्यास करें तो भविष्य सवर पाएगा।
ज्ञानामृत स्कूल के प्राचार्य विनोद कुमार पांडे जी कहा लंबे समय तक ऑनलाइन शिक्षा चलेगी तो समाज में शारीरिक मानसिक रूप में बहुत नुकसान होगा।इससे बचने के लिए मेडिटेशन बहुत जरूरी है। इसके लिए आध्यात्मिक गुरुओं का सहयोग ले जो पॉजिटिव थिंकिंग सिखाते है।
नूतन हायर सेकेण्डरी इंग्लिश  मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल नम्रता पाठक ने कहा वर्तमान ऑनलाइन शिक्षा के समय सबसे ज्यादा जिम्मेदारी माता पिता की है क्योंंकि बच्चे घर में पढ़ते हैं।वे मोबाइल लैपटॉप के सामने बैठकर क्या कर रहे हैं ये बार बार देखना,उन्हें सकारात्मक बनाकर रखना,उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।
ईस ऑनलाइन वेबिनर में स्टूडेंट्स ने भी अपने अनुभव शेयर किए।
उसमे मेघा राम रख्यानी, रोहन साहू,नैतिक ओझा ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मा कुमारी प्राजक्ता बहन ने किया।