Brahma Kumaris Enlighten Village Sarpanchs on Precautions from Corona Virus

Umarban, Dhar ( Madhya Pradesh ): BK Narayan, Motivator in Art of Living from Indore, and BK Kaveri, Centre in Charge in Umarban, attended the meeting of Village Sarpanchs and Secretaries from 61 Villages in the Dhar District of Madhya Pradesh, at the District Panchayat Office. They were invited to address the members on “How to be saved from the effects of Corona Virus.” The Seminar was chaired by The Chief Executive Officer, Mr. Rajendra Dixit. Mr. Raju Srimali, a Social Activist, was also present in the Seminar.

Addressing the audience on unexpected situations such as the corona pandemic, BK Narayan said, “We never like sudden incidences as accidents, death of someone at home, sudden loss of job, or some differences in relationships, etc. We see such things happening around us, but we think that it is not going to happen to us.” He said that we are receiving news of corona virus influences, but at the same time we must also know about precautionary measures to protect ourselves.

At this stage, we must keep the Mind Positive and remain physically strong. Fear may affect our body’s immune power. More deaths are caused by fear in the Mind rather than the disease. To defeat corona, we must become strong-minded.

BK Narayan said, “We must try to know about the precautions to be taken, but not about the harms corona virus is causing. Every 15 minutes we hear about corona, see its videos, keep thinking and talking only on the topic. Thus all our energy may become that of fear, anxiety, sickness and death. We read the news, hear it, narrate it to others, and share the messages, too. By that we may increase fear and anxiety multi-fold in others’ Minds. The virus doesn’t create as much fear in the Mind as the messages we are creating. If we brood over disease, fear and death, this renders our mind and body weak, and the chance of being affected may be higher. We must neither listen to, nor share the messages related to the virus, but must remain peaceful, stable and fearless at this time.”

On this occasion, BK Kaveri said, “Even Doctors are saying that our fear reduces the resistance power in our body. The fear was there in us as part of our life from the very beginning. Earlier we used to get afraid now and then. Whenever we talk of this pandemic, we say it is harmful to children below 10 years and older people aged above 60 years. Actually, it may affect a person of any age, only we must not allow the immunity to go down. The power of immunity does not depend on age, but on the state of mind. If a person at the age of 80 years is Mentally strong, it is possible that he may also be strong emotionally.”

Mr. Jitendra Dixit also said that scientifically, Rajayoga Meditation is a very good medium to improve the immunity in the body, which helps greatly to remain safe and win over the influence of this disease.

News in Hindi:
आंतरिक  उर्जा को बढ़ाएं और कोरोना को हराये।
उमर बंद( धार): अचानक की बातें पिछले कुछ दिनों से करोना महामारी के रूप में हमारे सामने आई। आज हमारे पास ऐसी परिस्थिति कोरोना वायरस की है जो कभी सोचा भी नहीं था। जीवन में कुछ ऐसी बातें होती है जो हमें अच्छी नहीं लगती। जैसे घर में किसी का डेथ होना ,किसी का एक्सीडेंट तो किसी की नोकरी छूटना, रिश्तो का टूटना।
 क्योंकि हम उनको अपने आसपास होते हुए देख रहे होते हैं, तो भी हम फील करते हैं कि यह हमारे साथ नहीं होगा ।जिस प्रकार हम वायरस के बारे में जानकारी ले रहे हैं उसी प्रकार हमें स्वयं को बचाने के लिए मन के अंदर क्या करना है उसकी भी जानकारी लेनी चाहिए ।इस समय हमें सकारात्मक रख शारीरिक रीती से मजबूत बना कर रखना है। क्योंकि डर हमारे इम्यून सिस्टम  को प्रभावित करता है ।बीमारी से कम डर से ज्यादा मृत्यु हो रही है । कोरोना को हराने के लिए हमें मन से मजबूत होना चाहिए। यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के प्रणेता ब्रहमा कुमार नारायण भाई ने जनपद पंचायत उम्रबंद में 61 ग्राम पंचायतो के सरपंच व सचिवों के सम्मेलन में करोना महामारी के प्रभाव से अपने को कैसे बचाएं इस विषय पर संबोधित कर रहे थे।  हमें हमेशा ध्यान रखने की जानकारी लेनी है, न की बीमारी से जो नुकसान हो रहा है उसकी। हम हर पन्द्रह मिनट में कोरोना के बारे में सुनेंगे, उसका वीडियो देखेंगे, फिर उसी के बारे में सोचेंगे ,फिर उसी के बारे में बात करेंगे। फिर आपकी पूरी एनर्जी बीमारी, मृत्यु, भयभीत, चिंता करने वाली हो जाएगी । हमने पढ़ा ,सुना लोगों को सुनाया मैसेज भेजा। इससे लोगों के मन में डर व चिंता को कई गुणा बडा रहे हैं। हम बीमारी ,डर मृत्यु का सोच रहे हैं ।वायरस इतना डर, चिंता पैदा नहीं कर रहा है जितना यह मैसेज एक दूसरे को भेजने से ,हमारे मन पर प्रभाव पड़ रहा है, और मन हमारे शरीर को प्रभावित कर रहा है। जब हमारा मन  व शरीर दोनों कमजोर हो जाएगा तो हमारे ऊपर उस बीमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है।  सावधानी ये होना चाहिए कि हमें इससे संबंधित नहीं किसी को यह मैसेज भेजना और नहीं सुनना है। इस परिस्थिति में शांत रहना, स्टेबल रहना, निर्भय रहना जरुरी है । इस अवसर पर सेवा केंद्र संचालिका ब्रम्हाकुमारी कावेरी बहन ने बताया कि डॉक्टर भी बता रहे हैं हमारे अंदर का डर हमारे अंदर की इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। यह डर हमारे अंदर आज से नहीं यह जीवन का हिस्सा था। पहले कभी कभी डरते थे। इस वायरस की बात आती तो हम कहते 10 से नीचे साठ वर्ष के ऊपर के लोगों को ध्यान रखना चाहिए ।वैसे यह बीमारी तो किसी को भी हो सकती है ।लेकिन इम्युनिटी सिस्टम को कमजोर
 होने नहीं देना। इम्यूनिटी सिस्टम शरीर की आयु पर निर्भर नहीं बल्कि हमारे मन की स्थिति पर निर्भर करता है। हो सकता है कोई 80 साल के हो लेकिन मन से वह बहुत मजबूत है तो वह इमोशनल बहुत स्ट्रांग है। इस अवसर पर  मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेंद्र दीक्षित ने कहां की राजयोग हमारी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने में वैज्ञानिक रीती से सक्षम एक अच्छा माध्यम है, जिससे हम इस रोग पर विजय पा सकते हैं। इस अवसर पर 61 ग्राम के सरपंच व सचिव उपस्थित थे।समाज सेवी राजू श्रीमाली उपस्थित थे ।