Brahma Kumaris Dhamtari Honor Workers on Labor Day

Dhamtari (Chhattisgarh): On the occasion of National Labor Day under the auspices of the Brahma Kumaris, the ceremony to honor the workers (Shramik Samman Sammelan) was organized at Divyadham Center.  The Chief Guest Mr. G.P. Singh (First Behavior Judge Class 1 Dhamtari), Mr. Rajendra Sharma (Chairman Municipal Corporation Dhamtari), Shri Sohan Sahu (Senior prosecution in charge Dhamtari), Mrs. Sarita Yadav (Councilor Baniya Para Dhamtari), BK Jagatri and BK Sarita (Director Dhamtari center), as well as a large number of female cleaners were included in the program.

Sohan Sahu, senior prosecutor in-charge, said that we are all laborers — from government employee officials to ordinary cleaning workers. The words “public servant” are associated with the designation of the government official posted at any higher post.

In this sequence, Mrs. Sarita Yadav, Councilor, Baniyapara, said that, this year, Labor Day is celebrated in the whole world. It reflects the importance of the workers in human life in our society and in our lives.

Similarly, Shri G. P. Singh, First Behavior Judge, class 1 said that at present, the city of Dhamtari is in second place in Chhattisgarh in the area of ​​cleanliness which is a matter of honor that goes to our cleaners. Before our rise, the cleaners are completing their work, which is commendable. The District Legal Authority provides a variety of facilities for the affluent economically weak workers, who have the desire for justice; providing one free advocate is one of them.

At the conclusion, BK Sarita said that the biggest cleaner is Himself our Divine God, who, after coming to this world, is giving the pleasure of the Golden Age (Satyug) to this earth by cleansing the Kaliyug. Through regular practice of Rajayoga, we can happily accomplish our every task very easily, joyfully, peacefully and lovingly.  Rajayoga not only brings peace of mind but also, through its practice, we are also de-addicted, from which we receive financial strength along with spiritual force.

News in Hindi:

धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में 1 मई अर्तराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमिक सम्मान समारोह का आयोजन दिव्यधाम सेवाकेन्द्र पर किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री जी पी सिंह, प्रथम व्यवहार न्यायधीश वर्ग 1 धमतरी, श्री राजेन्द्र शर्मा, सभापति नगरपालिक निगम धमतरी, श्री सोहन साहू, वरिष्ठ अभियोजन प्रभारी धमतरी, श्रीमती सरीता यादव, पार्षद बनियापारा धमतरी, ब्रह्माकुमारी जागृति बहन राजयोग शिक्षिका धमतरी, एवं ब्रह्माकुमारी सरिता बहन संचालिका दिव्यधाम सेवाकेन्द्र धमतरी साथ ही बडी संख्या में महिला सफाईकर्मी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर ब्र.कु. जागृति बहन ने कहा कि कामकाजी श्रमिको के सम्मान में प्रतिवर्ष 1 मई के दिन श्रमिक दिवस मनाया जाता है भारत में इसकी शुरूआत लेबर किसान पार्टी आॅफ हिन्दुस्तान ने 1 मई 1923 में चेन्नई से किया गया एवं अर्तराष्ट्रीय स्तर पर 1 मई 1886 से मजदूरो के सम्मान व अधिकारो के लिए यह दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है। श्रम का सम्मान करना समा्रट का सम्मान करने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। हम सभी भगवान के राजा बच्चे है ईश्वर के घर से हम सभी इस संसार रंगमच पर अपना पार्ट पूरा करने आए है। इस नजर से अपने कार्य को एक खेल की तरह देखे तथा इसे और अच्छा बनाने का प्रयास करें।
इसी तरह श्री सोहन साहू, वरिष्ठ अभियोजन प्रभारी ने कहा कि शासकीय कर्मचारी अधिकारी से लेकर साधारण सफाई कर्मी तक हम सभी मजदूर है। किसी भी ऊंचे पद पर पदस्थ शासकीय अधिकारी के पदनाम के साथ पब्लिक सर्वेट शब्द जुडता है। अर्तराष्ट्रीय स्तर पर कार्ल माक्स ने मजदूर वर्ग की दुःख, पीडा, चिंता को समझा और मजदूरो के हक के लिए आवाज उठाई। श्रमिको की शक्ति संगठन में होती है। सरकार ने भी मजदूरो के सम्मान और अधिकारो के लिए अनेक कानून और विभाग बनाए है ताकि श्रमिक एक सम्मानजनक जीवनयापन कर सके।
इसी क्रम में श्रीमती सरिता यादव, पार्षद बनियापारा मजदूर हमारे समाज की ईकाई वर्ष में एक दिन मजदूर दिवस सारे संसार में मनाया जाता है यह मानव जीवन में मजदूर के महत्व को हमारे समाज, हमारे जीवन में दर्शाता है।
इसी तरह श्री जी पी सिंह, प्रथम व्यवहार न्यायधीश वर्ग 1 वर्तमान समय धमतरी नगर स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे छत्तीसगढ मे दूसरे नंबर पर है जो कि सम्मान की बात है इसका श्रेय हमारे सफाईकर्मीयों को जाता है। हमारे उठने से पहले सफाईकर्मी अपना कार्य पूरा करके चले जाते है जो कि सराहनीय है। प्रत्येक श्रमिको को अपने अधिकार और कानून की जानकारी होनी चाहिए। हमारा उद्देश्य ही है न्याय सबके लिए हो। जिला विधिक प्राधिकरण के द्वारा न्याय की इच्छा रखने वाले पिडित आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक भाईयो बहनो के लिए अनेक प्रकार की सुविधाए प्रदान की जाती है निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराना उसमें से एक है।
श्री राजेन्द्र शर्मा, निगम सभापति धमतरी ने कहा कि धमतरी नगर के सफाई कर्मीयों का कार्य नमन योग्य है। स्वच्छता के क्षेत्र में सफाई कर्मीयों के महत्व को आज सारा देश में समझा और सराहा जा रहा है। अल्प मानदेय होने के बाद भी महिला सफाई कर्मीयों ने एक मां की तरह नगर को स्वच्छ बनाए रखने में कोई कसर नही छोडी है। स्वच्छता ही सेवा है।
ब्रह्माकुमारी सरीता बहन जी ने कहा कि शरीर की सुन्दरता श्रम से है। जहां स्वच्छता है वही प्रभुता है। हम सब एक पिता की संतान एक ही घर से आए है कार्य के आधार पर भेदभाव करना यह गलत है। किसी बडे आॅफिस में ए.सी. के नीचे बैठकर कार्य करने वाला भी श्रम ही कर रहा है और एक गृहणी जो अपने घर परीवार के लिए सुबह से लेकर रात तक सबकी संतुष्टता के लिए श्रम करती है। एक दिन भी यदि सफाई न हो तो अच्छा नही लगता। सदा अपने कार्य को सम्मान और श्रेष्ठ दृष्टि से देखना चाहिए। मन को ऊंचा रखकर अपने कार्य को करना चाहिए क्यों कि विचार बदलने से जीवन बदल जाता है। सबसे बडा स्वच्छताकर्मी तो स्वंय परमात्मा है जो स्वंय इस धरा पर आकर कलीयुग रूपी गदगी को साफ कर इस धरती को सतयुग का सुख प्रदान कर रहा है। राजयोग के नियमित अभ्यास के द्वारा हम खुशी खुशी, शांति और प्रेमपूर्वक अपने हर कार्य बहुत ही सहज रीति पूरा कर सकते है। राजयोग से न केवल मन की शांति आती है बल्कि इसके अभ्यास से हम व्यसन मुक्त भी होते जिससे आत्मिक बल के साथ हमें आर्थिक बल भी मिलता है। इसलिए ईश्वरीय विश्वविद्यालय के द्वारा हमारे सभी महिला सफाई बहनो के लिए तीन दिवसीय राजयोग शिविर का आयोजन संध्या 05ः00 बजे से दिव्यधाम सेवाकेन्द पर किया गया है।
अंत में सभी सफाईकर्मी बहनो को तिलक लगाकर श्रीफल और गमछा प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कामिनी कौशिक जी ने किया।