Brahma Kumaris Celebrate 74th Independance Day of India

Dhamtari ( Chhattisgarh ):  On the occasion of India’s Independence Day on 15th August, the Brahma Kumaris of Dhamtari hoisted the National Flag and a National song was sung by BK Mayur in due respect to the country’s flag.

BK Mulesh portrayed herself as “Bharat Mata” (Mother India) and BK Sarita, Incharge of Brahma Kumaris in Dhamtari, shared the significance of the day, explaining the importance and meaning of true independence.

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धमतरी: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय धमतरी द्वारा आज 15 अगस्त
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सेवाकेंद्र पर राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराया गया एवम
ब्रह्माकुमार मयूर भाई ने राष्ट्र ध्वज के सम्मान में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया |

ब्रह्माकुमारी मुलेश बहन ने भारत माता बनकर प्रस्तुति दी |

ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी ध्वजारोहण के पश्चात् अपने दिव्य उद्बोधन में कहा 15 अगस्त का दिन हम सबके लिए बहुत ही गर्व का दिन है ,उमंग उत्साह का दिन और उत्सव का दिन है |क्यूंकि इस दिन हम पराधीनता से स्वाधीनता को प्राप्त हुए |जो अनेक वर्षो की अंग्रेजों की गुलामी में चल रहे थे ऐसी गुलामी से हमें आजादी मिली |आज के दिन भारत वर्ष में बच्चे ,बूढ़े ,जवान एवम सभी धर्म वालों के अन्दर उमंग उत्साह होता है |यह हमारा राष्ट्रिय पर्व भारत का महान पर्व है |आज के दिन हम राष्ट्र गीत और राष्ट्र भक्ति के गीत सुनते है| आज के दिन उन वीर सपूतों को याद किया जाता है जिन्होंने अंग्रेजों की दास्ता से ,शोषण से हमें छुड़ाया और हमें बहुत बड़ा तोहफा दिया |उन वीर सपूतों ने अपने तन-मन-धन को ,समय -श्वास -संकल्प को इस भारत माता को गुलामी से छुडाने में लगा दिया |उन्हों की क़ुरबानी,उन्हों का बलिदान सदा याद रहेगा |और उन्होंने जो स्वप्न देखा था स्वतंत्र भारत का वो पूरा हुवा |महात्मा गाँधी बापूजी ने भी इसी संकल्प के साथ सत्य.,अहिंसा,प्रेम के द्वारा भारत को अंग्रेजों से मुक्त किया |और उनके नेतृत्व में भारत वासियों के अन्दर जो जूनून था ,जो जोश था उनकी उस हिम्मत के कारन आज हम स्वतंत्रता की खुली श्वास ले रहे है ,अपने अन्दर की जो भी बात है उसे व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हुए, विकास के लिए स्वतंत्र हुए |और जो विकास होना चाहिए हो तो रहा है कृषि का विकास ,उद्योग का विकास ,technology का विकास ,शिक्षा का विकास |लेकिन आज विकास के साथ कही कही देखा जाये जो रामराज्य की कल्पना थी उसमे कमी नजर आती है |क्यूंकि बापूजी ने तो कहा था रामराज्य आएगा लेकिन रामराज्य नहीं आया | रामराज्य की स्थापना करने के लिए वर्तमान समय स्वयम परमपिता परमात्मा जो विश्व के बापू है ,जो सभी आत्माओ के पिता है 1936 से स्वयम अवतरित हुए है और हम सबको सच्ची स्वतंत्रता का ज्ञान दे रहे है | हम सम्पूर्ण आजाद तभी होंगे जब विकारो से मुक्त होंगे क्यूंकि इन विकारो के कारन हम पराधीन हुए है ,परतंत्र हुए है |आज हमें अपनी इन विकारो की बेडियो को काटना होगा नहीं तो आज हम देख रहे है हम विकास के साथ विनाश की और बढ़ रहे है |जहा चरित्र का पतन हो रहा है ,आज की युवा पीढ़ी नशे की गर्त में जा रही है ,भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और दुःख की बात तब होती है जहा भारत की नारिया शोसन का शिकार बन जाती है कारन है ये विकार |

तिरंगे में तिन रंग है |ये तिन रंग हमें बहुत बड़ा सन्देश देते है |केसरिया रंग ज्ञान और बलिदान का है ,हमारे घर परमधाम का कलर भी रेड है ,सफ़ेद रंग पवित्रता का प्रतिक है ,हरा रंग शांत का प्रतिक है ,हरा रंग हरियाली का प्रतिक है ,खुशहाली का प्रतिक है | आज के दिन भारत के झंडे के निचे हम प्रतिज्ञा करते है उन वीर जवानों ने तो अपने जान की कुरबानी दी हम अपने अन्दर के मनोविकारो की क़ुरबानी देकर भारत भूमि को स्वर्ग बनाकर ही छोड़ेंगे | तभी सही अर्थ में स्वतंत्रता दिवस मनाना सार्थक होगा |