Brahma Kumaris are bringing world transformation with compassionate nature : Governor of Maharashtra

Mulund ( Maharashtra ): Brahma Kumaris Mulund celebrate Spiritual Empowerment for Kindness and Compassion under Azadi ka Amrit Mahotsav project on Children’s Day.

Mulund, Mumbai ( Maharashtra ): Under the canopy theme for the Year of Spiritual Empowerment for Kindness and Compassion, Brahma Kumaris Mulund subzone organized a splendid program on the eve of Children’s Day, in Dayanand School Ground-Chandan Bagh lane near Neelkanth Height Gawan Pada.

The program saw a huge sea of the crowd with lots of security personnel as it was attended by several highly esteemed people of Maharashtra. The Chief Guest of the program was Bhagat Singh Koshiyari, Honorable Governor of Maharashtra.

The program was anticipated with a tight timeline where the arrival began with the Indian National Anthem. Thereafter the Governor and all dignitaries were felicitated with flower bouquets, badges, shawl, and turbans.

The stage secretary for the celebration evening, BK Sachin Upadhyay described the importance of Kindness and Compassion amidst the distress in our community and also shared his thoughts on how to broadcast the holy vibrations and send good wishes to all.

The program started with a welcome dance, a candle-lighting ceremony, and a welcome speech by BK Lajwanti who empowered all with her sacred words. BK Mruthyunjaya, Executive Secretary of Brahma Kumaris who was the Key Speaker of the program emphasized that being kind and compassionate means, how these core skills shape relationships between people, and help to create caring communities.

On this special event, BK Dr Godavari, Mulund Subzone In Charge gave her blessings and said that human relations are based on values – kindness, mercy and compassion, and unless every human enriches the self spiritually our world cannot be endowed with beautiful feelings.

The beginning address of Bhagat Singh Koshiyari (Governor of Maharashtra) started with the Amrit Mahotsav initiatives that were specially designed by our Honourable Prime Minister Narendra Modi. He said that our PM’s aim to launch such projects was to bring peace and prosperity in each and every house in India whether they are rich or poor. In the same way, he said that when he saw the souvenir prepared by Brahma Kumaris Mulund Subzone he felt that they have fulfilled the expectation and the aim of the Amrit Mahotsav Project as these people have tried to sustain each and every soul of all religions through spiritual discourses. They have consciously given importance to every sector and have spread the message of One God, One Family, and One Religion to all corners of society.

He also said in his speech that the work of world transformation is being done by this Brahma Kumaris organization due to their compassionate nature and we hope human beings end their mental weaknesses and give spiritual benefits to all by learning how to broadcast the holy vibrations of positive wishes through practicing Rajyoga Meditation and strengthen that capacity over time.

Well-known personalities from all walks of life and industries were invited as Sandeep Sangve (Deputy Director, Education Department, Mumbai), Mihir Kotecha (Minister of Legislative Assembly), Nanji Khimji Bhai Thakkar Thanawala (Samajratna ) and Rajesh Annum (Industrialist) also spoke few words on this occasion.

A special souvenir designed by Brahma Kumaris Mulund Subzone was released by Governor Bhagatsingh Koshiyari. Moreover, the respected Governor also felicitated some outstanding children with certificates for their outstanding contributions in the fields of academics, sports, art, and culture in the year 2022-23.

All the guests were felicitated with gifts and mementos and at the end BK Rajkumar Kolhe (Founder and Principal of Jan Gan Man School) concluded the program with vote of thanks and once again Indian National Anthem was sung at the closing ceremony.

News in Hindi :

मुलुंड, मुंबई -हमें ये बताते हुए हर्ष हो रहा है की “दया तथा करुणा के द्वारा सामाजिक तथा आध्यात्मिक सशक्तिकरण” इस विषय पर ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष में सम्मेलन का आयोजन दिनांक १४ नवम्बर २०२२ को शाम ५ बजे ‘बाल दिवस’ के साथ ‘दयानन्द स्कूल ग्राउंड, चन्दन बाग़, मुलुंड, मुंबई’ में मनाया गया|

इस कार्यक्रम में बहुत ही बड़े जनसमुदाय की उपस्थिति थी और बहुत कड़ी सुरक्षा रक्षक के साथ महाराष्ट्र के जाने माने प्रतिष्ठित लोंगो का आना हुवा |  मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र राज्य के गवर्नर माननीय श्री भगत सिंह कोशियारी की उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ी |

कार्यक्रम की शुरुवात राष्ट्रिय गीत से हुई | तत्पश्यात गवर्नर तथा गणमान्य व्यक्तियों को फूलों का गुलदस्ता, बैच, शॉल और पगड़ी से सम्मानित किया गया | मंच सचिव ब्र कु सचिन उपाध्याय जी ने बताया  सामाजिक संकटकालीन स्थिति के बीच में दया और करुणा का महत्व बताकर, किस रीती से पवित्रता के प्रकम्पन फ़ैलाने है तथा किस प्रकार शुभ भावना शुभ कामना विश्व की आत्माओं को फैला सकते है ।

इस कार्यक्रम की शुरुवात स्वागत नृत्य, दिप प्रज्वलन समारोह तथा ब्र कु लाजवंती दीदी के स्वागत भाषण से हुई। ब्रहमा कुमारीज़  के कार्यकारी सचिव ब्र कु मृत्युंजय भाई जी ,जो इस कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता थे , उन्होंने दया और करुणा के महत्त्व पर बताया कि किस तरह कौशल्य सम्बद्ध संपर्क में और खुशहाल जीवन के लिए दया और करुणा आवश्यक है और किस तरह श्रेष्ठ समाज का निर्माण कर सकते है यह बताया।

इस विशेष सभा में हमारी मुलुंड सबजोन की प्रभारी आदरणीय राजयोगिनी ब्र कु डॉ गोदावरी दीदीजी ने आशीर्वचन में कहा की मनुष्य सम्बन्ध दया और करुणा आदि मूल्यों पर आधारित है | जब तक हर मनुष्य स्वयं की आध्यात्मिक प्रगति नहीं करेगा तब तक हमारा विश्व इन खूबसूरत भावनाओ से सम्पन्न नहीं बन सकते | उन्होंने सभी को दया व करुणा पर सामूहिक ध्यान और प्रतिज्ञा करवाई।

गवर्नर माननीय श्री भगत सिंह कोश्यारी (महाराष्ट्र के राज्यपाल) का प्रारंभिक संबोधन अमृत महोत्सव पहल के साथ शुरू हुआ, जिसे विशेष रूप से हमारे माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजाइन किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाओं को शुरू करने का हमारे पीएम का उद्देश्य भारत के प्रत्येक घर में शांति और समृद्धि लाना है, चाहे वे अमीर हों या गरीब। उन्होंने कहा कि, जब उन्होंने ब्रह्मा कुमारीज़ मुलुंड सबज़ोन द्वारा तैयार की गई स्मारिका ( SOUVENIR) को देखा तो उन्हें लगा कि उन्होंने अमृत महोत्सव परियोजना की अपेक्षा और उद्देश्य को पूरा किया है क्योंकि इन लोगों ने सभी जाति, पंथ, धर्म, क्षेत्र की प्रत्येक आत्मा को आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से सशक्त बनाने की कोशिश की है |उन्होंने सचेत रूप से समाज के हर क्षेत्र को महत्व दिया है और ‘एक ईश्वर, एक परिवार और एक धर्म’ के संदेश को समाज के सभी कोनों में फैलाया है।

उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि इस ब्रह्मा कुमारी संस्था द्वारा उनके दयालु स्वभाव के कारण विश्व परिवर्तन का कार्य किया जा रहा है और हम आशा करते हैं कि मनुष्य अपनी मानसिक कमजोरियों को समाप्त करें और पवित्र स्पंदनों को प्रसारित करना सीखकर सभी को लाभ दें। राजयोग ध्यान उस क्षमता को मजबूत करता है।

विभिन्न क्षेत्र तथा उद्योगों से सुप्रसिद्ध महानुभाव इस सम्मेलन में संमिलित हुए थे ।उनमे से श्री संदीपजी सांगवे (डेप्यूटी डायरेक्टर, एजुकेशन डिपार्टमेंट, मुंबई  ) श्री मिहिर कोतेचा (मिनिस्टर लेजिस्लेटिव असेम्ब्ली ) श्री नानजी खिमजी भाई ठक्कर थानावाला (समाजरत्न )और श्री राजन अनुम (उद्योगी ) सभी ने सम्मेलन में शुभ भावनाये व्यक्त की |

एक विशेष (SOUVENIR) सौवेनीर जो ब्रह्माकुमारीज़ मुलुंड सबजोन द्वारा बनाया गया था उसे इस सम्मेलन में गवर्नर श्री भगतसिंघ कोशीयारी के द्वारा प्रकाशित किया गया और सभी उपस्थित महानुभावों को वितरित किया गया जिसमे संस्था की सब जोन द्वारा “अमृत महोत्सव साल २०२२”की सेवाएं की गयी सेवाओं को अधोरेखित किया गया |

आदरणीय गवर्नर जी ने २०२२-२३ साल के शैक्षणिक, खेल, कला तथा संस्कृति में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिया |

सभी मेहमानों को दया तथा करुणा का स्मृति चिन्ह भेट दिया गया |  अंत में डॉ राजकुमार कोल्हे जी (फाउंडर एंड प्रिंसिपल ,जन गण मन स्कूल) ने सभी पधारे हुए मेहमानों तथा अतिथियों को धन्यवाद दिया और राष्ट्र गीत द्वारा सम्मेलन का समापन किया गया |

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