Brahma Kumaris Alirajpur Hold Program On World Suicide Prevention Day

Alirajpur ( Madhya Pradesh ): The Brahma Kumaris of Alirajpur  held a program on World Suicide Prevention Day. BK Narayan, Lifestyle Expert from Indore, speaking on this occasion said that thinking of suicide means putting one’s life in danger. In today’s times, the mind is full of negative feelings due to prevalence of negative tendencies in men. Mental illnesses like depression,  are therefore increasing exponentially.  Mental discretion is lacking in men today. Suicide is never a solution.

Arvind Gehlot, Coordinator of District Anand Sansthan Alirajpur, said that a few relevant steps for suicide prevention include reading good literature,  spending some time in solitude daily contemplating upon the Supreme Soul,  Rajyoga Meditation,  proper sleep and diet and connecting with the nature.

Tej Singh Mandloi, Office Assistant,  District Planning Department said that we must counter suicidal thoughts with positive ones immediately.

BK Madhuri, Incharge of Brahma Kumaris in Alirajpur, made everyone experience Rajayoga Meditation at the end of the program.

News in Hindi:

आत्महत्या का विचार अर्थात अपने जीवन को भयंकर संकट में डालना।  विश्व  आत्महत्या निषेध दिवस के अवसर पर।

अलीराजपुर: वर्तमान समय चारों ओर हिंसा, लूटमार ,धोखाधड़ी, परिवार में कलह क्लेश ,संबंधों में कटुता, व्यवहार में स्वार्थ भावना आदि के कारण मानव मन में  अवसाद, दुख, चिंता ,हतशा ,हीन भावना, निराशा, नशे की प्रवृतियां बढ़ती जा रही है। मन नकारात्मकता का शिकार बनता जा रहा है जिससे अनेक मानसिक रोग डिप्रेशन तनाव बढ़ते जा रहे हैं। इतना ही नहीं यक्ति आत्महत्या कि ओर दिन प्रतिदिन अग्रसर होता जा रहा है। विवेक शुन्य बनता जा रहा है। समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं है, बल्कि यह विचार, कर्म हम कर लेते हैं तो वर्तमान परिस्थितियों से तो छूट जाएंगे लेकिन पुनः दूसरे जन्म में रहे हुए संचित पाप कर्म, साथ में आत्महत्या का पाप कर्म व इस जन्म में रहे हमारे कार्मिक खाते के रूप में आत्माओं के हिसाब उनकी बद्दुआ के कारण भी दूसरा नवजीवन अनेक दुविधा, संकट, रोग,  व मानसिक परेशानियां  बढ़ाने वाला मिल जाता है ।वह दूसरे जन्म में भी सुख शांति की स्वास नहीं ले सकता है ।इसिलए कहा गया की आत्महत्या जैसा पाप दूसरा कोई होता नहीं ।यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के प्रणेता ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने विश्व आत्महत्या निषेध दिवस के अवसर पर नगर वासियों को दीपा की चोकी में स्तिथ ब्रहमा कुमारी सभागृह में संबोधित करते हुए बताया कि इसका परिणाम बहुत गुणा दुखदाई खतरनाक होते हैं। भ्राता अरविंद गहलोत संयोजक जिला आनंद संस्थान अलीराजपुर ने बताया कि इससे छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले एकांत में ईश्वर के साथ बातें करें तो आपको समाधान भी मिलेगा, साथ ही मन को शांत बनाने के लिए सत साहित्य का अध्ययन, राजयोग का अभ्यास ,साथियों से वार्तालाप, सही समय पर निद्रा, समय पर भोजन कुछ समय प्रकृति के साथ बिताएं ।इसके साथ किसी मुसीबत में फंसे व्यक्ति की मदद करें। इलेक्ट्रॉनिक साधनों से दूर रहें तो आत्महत्या जैसे महापाप  से बच सकते हैं ।किसी ने कहा जीवन ईश्वर का सुंदर उपहार है इसका  उपहास करेंगे तो प्रकर्ति इसकी सजा मानसिक रोगों के रूप में देतीहै। इस अवसर पर तेज सिंह मंडलोई कार्यालय सहायक जिला योजना विभाग अलीराजपुर ने बताया कि आत्महत्या के विचार जैसी हमारी जीवन में प्रवेश करें तुरंत उसको परिवर्तन करके अपने जीवन में अच्छे विचारों में परिवर्तन करे कि यह दिन भी बीत जायेगा, आया है जाने के लिए। तो शीघ्र ही हम आत्महत्या जैसे विचारों से ऊभर कर बाहर आ सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सेवा केंद्र संचालिका माधुरी बहन ने मानसिक शांति हेतु राजयोग का सभी को प्रैक्टिस करवाई।