“BK Knowledge dispels darkness” says MLA, Badhaha

Kadma (Haryana): The Brahma Kumaris of Kadma Centre arranged a program to celebrate Shivratri or Shiv Jayanti Festival which was inaugurated by MLA of Badhada, Mr. Sukhwinder Singh Mandi; former MLA Mr. Raghuveer Singh Chhillar; BK Urmila from Mt. Abu; BK Vasudha, local Centre in-Charge; Mr. Rajendra Yadav, Rural Block Development President; and Kadma Commercial Association President Mr. Naresh Goel, by lighting the lamps.
BK Urmila said, “It is a festival when we surrender all our evil traits to God Shiva.” She was speaking in the Spiritual Public Program, “Chali Shiv ki Baraat.” Elaborating upon the spiritual meaning of Shivratri she said, “Ratri, Night, stands for ignorance, lethargy, viciousness. The present period of Kaliyug is like the dark night. At this juncture of Kaliyug when we become totally vicious, impure, grabbed in sorrows and sufferings, engulfed in ignorance, the Supreme Father, Supreme Soul, Shiva, descends in an old man’s body. This is also called Shiv Jayanti. That man is named Prajapita Brahma; through whom He wakes up humans from their slumber, teaches them Raja Yoga meditation to re-establish a new world order called Satyayug, Golden World, in which men and nature both are well disciplined.
As Chief Guest Mr. Sukhwinder Singh Mandi said, “The spiritual teachings of Brahma Kumaris help to remove darkness of ignorance in the society. So let us all commit to get united on this occasion, only then celebrating the festival of Shivratri will be of any worth.”

Colonel Raghuveer Singh Chhillar said, “The Spiritual lessons taught by Brahma Kumaris by the Power of their selflessness, sacrifice and penance, will surely bring about some positive change in the society.”
Mr. Rajendra Yadav said that on the day of Mahashivratri Festival, all of us must take a pledge to uplift our society by all means. He said that the Brahma Kumaris are really doing praiseworthy services to develop unity in the society.
Mr. Naresh Goel said that on such festive occasions people come together and their mutual relationships become sweeter. He highly commended the Brahma Kumaris for their selfless efforts to organise such spiritual programs.
Welcoming everyone, BK Vasudha said that the festival of Shivratri is meant to take a firm decision on this day by all to set aside all our wasteful and negative thoughts to replace them with determined and positive thoughts which make us strong and powerful from within.
BK Yugaratan, a noted singer from Raipur, Chhattisgarh, who sings in 10 different languages, rendered beautiful, melodious songs such as, “Jyot se Jyot jagate chalo …” and “Padharo Shiv … ” that thrilled the audience so much that they were compelled to dance to the tunes.
Children of Savitri Kanya Maha Vidyalay, Balauda, performed various cultural items enchanting everyone with their artistic skills.
Hundreds of local people who gathered on the occasion enjoyed the events heartily and had the opportunity to receive spiritual knowledge and enlightenment.
In Hindi :
कादमा(हरियाणा):–बुराइयों को परमात्मा पर अर्पित करने का पर्व है शिवरात्रि यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा के तत्वावधान में महाशिवरात्रि के पर्व पर आयोजित आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम” चली शिव की बारात” में माउंट आबू राजस्थान से पधारी राजयोगिनी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला बहन ने व्यक्त किए ।उन्होंने कहा रात्रि वास्तव में अज्ञान ,तमोगुण अथवा पापाचार की निशानी है  कलयुग के समय को रात्रि कहा जाता है ।कलयुग के अंत में जब सभी मनुष्य विषय विकारों से ग्रस्त पतित व दुखी होते हैं और अज्ञान निद्रा में सोए पड़े रहते हैं ऐसे समय में पतित पावन परमपिता परमात्मा शिव का इस सृष्टि में दिव्य अवतरण होता है इसलिए इस परमात्मा शिव के जन्मदिन को शिवरात्रि कहा जाता है। ब्रह्माकुमारी बहन ने कहा कि कलयुग के अंत में मनुष्य को अज्ञान अंधकार से जगाने और सहज राजयोग की शिक्षा देने परकाया प्रवेश करते हैं साथ ही नवदुनिया की स्थापना के लिए ब्रह्मा को अपना सारथी बनाते हैं ।उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्मा के द्वारा परमपिता परमात्मा शिव ऐसा दिव्य ज्ञान देते हैं जिससे ऐसी दुनिया की स्थापना जिसमें प्रकृति और पुरुष सब कुछ अनुशासित होते हैं इसको ही सतयुग, स्वर्णिम दुनिया कहा जाता है ।कार्यक्रम का शुभारंभ बाढड़ा विधायक सुखविंदर मांढी, पूर्व विधायक कर्नल रघुवीर सिंह चिल्लर, ब्रह्माकुमारी उर्मिला, ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ,राजेंद्र यादव, नरेश गोयल ने दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पधारे  बाढड़ा के विधायक  सुखविंदर सिंह मांढी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा दी जाने वाली शिक्षा से अज्ञानता रूपी अंधकार दूर होता है ।उन्होंने महाशिवरात्रि पर्व की बधाई देते हुए कहा कि इस पर्व पर हम स्वयं को  आध्यात्मिक  मूल्यों से सुसज्जित कर  समाज को एकता के सूत्र में बांधने का संकल्प लें तभी हमारा यह पर्व मनाना सार्थक होगा। इस मौके पर बाढड़ा के पूर्व विधायक कर्नल रघुवीर सिंह छिल्लर ने कहा की ब्रह्माकुमारी बहने निस्वार्थ भाव से अपने त्याग और तपस्या के बल पर समाज में जो अध्यात्म का पाठ पढ़ा रही है उससे अवश्य ही सकारात्मक बदलाव आएगा। ग्रामीण विकास मंडल अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा की महाशिवरात्रि के पर्व पर हम सभी ने समाज उत्थान का संकल्प लेना चाहिए ।ब्रह्माकुमारी संस्था वास्तव में समाज को एकता के सूत्र में बांधने का बड़ा सराहनीय कार्य कर रही है कादमा व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेश गोयल ने भी इस आध्यात्मिक कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा ऐसे कार्यक्रमों से हमारे आपसी संबंध मधुर होते हैं ।महाशिवरात्रि महोत्सव में सभी का स्वागत करते हुए कादमा सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने कहा कि यह त्योहार दृढ़ प्रतिज्ञा करने का है तो आज के दिन हम सभी ने व्यर्थ और नकारात्मक विचारों को त्याग समर्थ और सकारात्मक विचार उत्पन्न करने की दृढ़ प्रतिज्ञा करनी चाहिए जो हमें आंतरिक रूप से शक्तिशाली बनाती है।आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति छत्तीसगढ़ रायपुर से पधारे 10 भाषाओं में गाने वाले ब्रह्माकुमार युग रतन भाई ने ज्योत से ज्योत जगाते चलो, पधारो शिव ………… आदि गीतों द्वारा परमपिता परमात्मा की शिव का गुणगान किया ।जिस पर उपस्थित जनसमूह थिरकने पर मजबूर हो गया ।कार्यक्रम में सावित्री कन्या महाविद्यालय  बलौदा बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मनमोह लिया ।इस अवसर पर सैकड़ों नागरिको ने इस कार्यक्रम का लाभ उठाया।