10-Day Personality Development Camp by Brahma Kumaris, Dombivali

Dombivali (Ghatkopar, Mumbai):  A 10-day Personality Development Camp was organized by the Brahma Kumaris Dombivali center for BK children who regularly participate in center activities.  It mainly focused on the BK lifestyle and how to develop a BK lifestyle. The program was attended by about seventeen children.

Keeping in mind the four pillars of BK life (Knowledge, Meditation, Implementation-Dharna and Service) the program was arranged from Morning at 4 am until 10 pm at Night.

With creative workshops, practical games, sharing of experiences, collaborative meditation, group discussions, a letter to God, question-and-answer opportunities, etc., the program was  thoroughly enjoyed by the children.

Kumari Nityi, while expressing her experience, said that BK Life is a great experience of life; not only do we become a good citizen, but we also receive a right hold of God’s pride.  She also urged everyone to keep a balance in studying spiritual education along with regular studies.

News in Hindi:

डोंबिवली (घाटकोपर ) : डोंबिवली सेंटर की ओर से 10 दिवसीय पर्सनालिटी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम का निवासी आयोजन बी.के. रेग्युलर बच्चों के लिए रख गया। जिसमें बी. के. लाईफस्टाईल पर विशेष फोकस किया गया। जिसमें 17 बच्चों ने सहभाग लिया।

बच्चों के लिए ज्ञान, योग, सेवा और धारणा को ध्यान में रखते हुए….अमृतवेला योग, नास्ता, एक्सर्साईज़, साप्ताहिक कोर्स,  मुरली,  सेवा, मुल्य शिक्षा (दृढता, मधुरता, आत्मविश्वास, प्रेम, साहस, ईमानदारी, आदर),  गॅम्स, कियेटीवीटी, एंटरटेईनमेंट, संगठन में योग (भिन्न भिन्न पोझीशन में बैठ मुल्यो पर योग कॉमेन्ट्री, ओम, ग्लॉब, अर्धचंद्रमा, दिपक, विक्टरी, झंडा, पतंग), प्रेक्टीकल जीवन में लाने की बाते इसमें आदर्श विद्यार्थी के लक्षण, प्रिय बनने की कला, मूड आऊट, कॉमन सेन्स, मेनर्स, कही आप ऐसा तो नही करते?,  बाबा को पत्र लिखना, अनुभव की लेनदेन, प्रश्न उत्तर  जैसी रूपरेखा बनाई गयी थी।

कुमारी निती ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि बी. के. जीवन हमें बहुत ही महान और मौजो की जीवन अनुभव हो और न सिर्फ हम अच्छे नागरिक बनें बल्कि बाबा के होवनहार आशा के दिपक और राईट हँड बन जाए, और यह भी लक्ष्य रखा की लौकिक पढ़ाई के साथ साथ रूहानी पढाई भी पढ़े।