Online Webinar on “Ahimsa Paramodharm” on World Non-Violence Day

Bhinmal ( Rajasthan ): October 2nd is observed as “World Non-Violence Day.” In this connection, the Brahma Kumaris of Bhinmal organized an online Webinar to discuss the subject “Ahimsa Paramodharm” ( Non-violence is the ultimate dharma). To make the celebration lively, a children’s competition was held to present themselves in Mahatma Gandhi’s attire.

Participants discussing the topic in this Webinar were Mr. Madan Sinha, Electrical Engineer from Noida; Mr. Manikmal Bhandari, Senior Journalist of Bhinmal; Mr. Om Prakash Khetawat, Custodian of Bharat Vikas Parishad; BK Raj, Chief Director of Kandivali Centre in Mumbai, and BK Geeta, Chief Director of BK Bhinmal Centre.
Mr. Madan Sinha said, “Gandhiji was a worshipper of Truth and Non-Violence. Non-Violence was his weapon. The cause of increasing Non-Violence is our Education System. If our ancient teachings of Vedas and Scriptures are recommenced, the violence can reduce.”
Mr. Manikmal Bhandari said that where there is violence, there is annihilation. Through the weapon of Non-Violence we can capture the whole World. People of Jain Faith believe Non-Violence is the Supreme Duty. Wherever there is disturbance, Peace through Non-Violence can be re-established.
Mr. Om Prakash Khetawat said that anything achieved through violence is never permanent. It is always in the state of fear, while the aim achieved by Non-Violence is always permanent and brings us happiness.
BK Raj said, “Any Human Being following the path of violence can never expect happiness, peace and prosperity in life. Let us all pledge on this occasion that we shall adopt Non-Violence in our lives and shall always remember, give happiness, take happiness and give blessings, take blessings.”
BK Geeta said, “The atmosphere of fear and worry in the World is due to violence. Gandhiji wanted every village in the country to become Self Reliant and have Self Esteem.” She declared the names of winners in the Competition to appear in Gandhiji’s attire.
The 1st prize winner was Jainit Saini of Seekar; Himanshu Soni from Sanchore and Yuvraj Sharma from Bhinmal, both received 2nd prize, and for 3rd prize, Rhishabh Godara and Vivek Sankhla of Bhinmal both were selected. Consolation prizes were given to Atharva Bohra, Nikul Soni and Jyothi Soni. A Special prize was presented to Rahul from Mathura.
This Webinar was conducted live on Zoom and YouTube. Photos and videos of the competitors were displayed in the Webinar which was praised by everyone.
News in Hindi:

विश्व अहिंसा दिवस पर ऑनलाइन वेबीनार

ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र भीनमाल द्वारा अक्टूबर गांधी जयंती तथा विश्व अहिंसा दिवस पर ऑनलाइन वेबीनार का आयोजन किया गया जिसका विषय था अहिंसा परमो धर्म इस वेबीनार में उपस्थित थे

नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर मदन जी सिन्हा उन्होंने कहा गांधी जी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे अहिंसा उनका अस्त्र था आज हिंसा बढ़ने का कारण है हमारी शिक्षा प्रणाली हमारी पुरानी शिक्षा वेदों शास्त्रों को फिर से आरंभ किया जाए तो हिंसा कम हो सकती है

भीनमाल के वरिष्ठ पत्रकार मानिक मलजी भंडारी ने कहा जहां हिंसा होती है वहां सत्यानाश होता है अहिंसा रूपी शस्त्र द्वारा हम सारे विश्व पर कब्जा स्थापित कर सकते हैं जैन धर्म के लोग अहिंसा परमो धर्म मानते हैं दुनिया में कहीं पर भी अशांति हो तो वहां अहिंसा से शांतिस्थापन कर  सकते है

भारत विकास परिषद के संरक्षक ओम प्रकाश जी खेतावत ने कहा हिंसा से प्राप्त किया हुआ कार्य कभी भी स्थाई नहीं रहता है हमेशा भय में रहता है हिंसा के द्वारा प्राप्त लक्ष्य हमेशा स्थाई रहता है और वह हमें खुशी भी देता है

मुंबई से जुड़े ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र कांदिवली की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी राज बहनजी ने कहा हिंसा के मार्ग पर चलकर कोई भी मानव अपने जीवन में सुख शांति और समृद्धि की अपेक्षा नहीं कर सकता आज विश्व अहिंसा दिवस के उपलक्ष्य पर हम प्रण ले कि हम सब अहिंसा को अपने जीवन में अपनाएंगे और हमेशा यह याद रहे सुख दो सुख लो दुआ दो दुआ लो। 

ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र भीनमाल की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी गीता बहन ने कहा कि आज दुनिया में जो भय चिंता का जो वातावरण बना हुआ है उसका कारण है अहिंसा गांधीजी चाहते थे हर देश हर देश का गांव आत्मनिर्भर हो स्वाभिमानी हो उन्होंने ऑनलाइन गांधीजी वेशभूषा प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम घोषित किए उन्होंने बताया पहला इनाम  सीकर से जैनित सैनी, दूसरा इनाम सांचौर से हिमांशु सोनी तथा भीनमाल से युवराज शर्मा और तीसरा इनाम भीनमाल से ऋषभ गोदारा और विवेक सांखला को दिया जाता है। सांत्वना पर इनाम दिया गया अथर्व बोहरा, निकुल सोनी, ज्योति सोनी स्पेशल इनाम दिया गया राहुल मथुरा से यह वेबीनार जूम तथा यूट्यूब पर लाइव कराया गया। इस वेबिनार में प्रतिभागियों की वेषभूषा की फोटोज़ तथा वीडियो भी दिखायेगए। जिसकी सभी ने प्रशंसा की ।

Youtube link – https://youtu.be/DhXGWs7owgM