Brahma Kumaris Inaugurate Annual NSS Camp

Janta Maha Vidyalay, Chakri Dadri organised a 7 days Annual Camp of their National Service Scheme, commencing on the Republic Day, at Kalali Village in Haryana. It was inaugurated by BK Vasudha, the Brahma Kumaris Jhonjhukala, Kadma Centre in Charge, by hoisting our National Flag.

Addressing the volunteers of NSS BK Vasudha said, “Realising the Self as a Soul and investing it’s intrinsic Powers and the Qualities, Happiness, Peace, Love, Bliss and Purity, for the upliftment of the Society is the real Social Service”. She said that these original traits of Soul can be experienced by contemplating on Self for some time daily. She further said that by having Positive Attitudes we can face every situation in life. But for that One needs to meditate on God and Self when we will be able to identify our shortfalls, which can be eliminated by inculcating Divine Values in Self. This will have positive effect on Society. She said that the teachings of Brahma Kumaris bring purity in our thoughts that results in the making of Nobler Society and the World.

Acharya Devi Singh of Balanath Yoga Ashram said that we must all take a resolve to leave the Western culture and re-establish our own ancient Indian culture.

Professor Surendra Singh, the Program in-Charge said, “Brahma Kumaris Organisation as an NGO in UNO is striving for Peace in the World for which we must also co-operate with them by treading the path of their Spiritual Knowledge.

Professor Roshanlal expressed his gratitude to everyone and said that for the success of any work foundation of Spirituality is most essential.

On this occasion BK Vasudha was felicitated by Professor Surendra Singh, Professor Roshanlal and Acharya Devi Singh for Brahma Kumaris services to for Society.

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जनता महाविद्यालय चरखी दादरी के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS)द्वारा कलाली गांव में आयोजित वार्षिक सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ गणतंत्र दिवस पर झोझूकलांं-कादमा क्षेत्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने राष्ट्रध्वज पर फहराकर किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि स्वयं को आत्मा समझ उसमें निहित गुण और शक्तियों को पहचान कर समाज उत्थान के कार्य में लगाना ही सच्ची समाज सेवा है। ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने कहा की सुख, शांति ,आनंद ,प्रेम, पवित्रता, शक्ति आदि आत्मा के वास्तविक गुण हैं जिनको हम आध्यात्मिकता को  जीवन में धारण कर तथा कुछ समय  अपने आप से  बात कर महसूस कर सकते हैं। बहन वसुधा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि सकारात्मक चिंतन से जीवन की हर परिस्थिति का हम सामना कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आवश्यकता है स्वचिंतन व परमात्म चिंतन करने की क्योंकि स्वचिंतन से हम स्वयं को अच्छी तरह से जान सकते हैं और अपनी कमी कमजोरी को आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में धारण कर दूर कर सकते हैं तथा मानवीय व नैतिक मूल्यों से जीवन को सजा सकते हैं जिसका प्रभाव समाज पर सकारात्मक पड़ेगा। उन्होंने कहा की ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में दी जाने वाली शिक्षा से हमारे विचारों में शुद्धता आती है जिससे हमारे संस्कार श्रेष्ठ बनते हैं और संस्कार से ही समाज व विश्व भी श्रेष्ठ बन सकता है। बहन वसुधा ने सभी छात्रों को हर रोज कुछ समय स्वचिंतन करने के लिए कहा। इस अवसर पर बालानाथ योगा आश्रम के आचार्य देवी सिंह ने कहा कि हम सभी ने पाश्चात्य संस्कृति को छोड़ अपने भारतीय संस्कृति हो पुनः स्थापित करने का संकल्प लेना चाहिए ।कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था जो संयुक्त राष्ट्र संघ के गैर सरकारी सदस्य के रूप में समूचे विश्व में शांति के लिए प्रयासरत है तो हम सभी भी उनकी शिक्षाओं पर चलकर इस नेक कार्य में अपना सहयोग दें। प्रोफेसर रोशन लाल ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि कोई भी कार्य की सफलता के लिए अध्यात्म की अति आवश्यकता है। इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी प्रोफ़ेसर सुरेंद्र सिंह ,प्रोफेसर रोशनलाल व आचार्य देवी सिंह ने ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन को सम्मानित किया।