A Three-Day Stress-Free Camp

Inauguration of Three-Day Stress-Free Living Camp

Alirajpur, Madhya Pradesh: Constant negative thoughts of the present are causing many present problems. The negative thoughts of the mind cause stress. One needs to free emotional thinking to become free from stress. Rajyogi BK Bhagwan, Brahma Kumaris headquarters, Mount Abu, whilst speaking at the inauguration of the three-day stress-relief camp, said that by being positive, solutions to all problems emerge.

MLA Mukesh Patel said that there is tension in everyone in the present environment. He said that by imbibing the teachings given by the Brahma Kumaris one can become free from stress. He said that with positive thinking, life will be successful so everyone should keep thinking positively.

BK Bhagwan, the main speaker of the event, said, The mind can be controlled by seeing good in evil too. He said that thoughts, feelings, attitudes and behaviors are created only by thoughts created in the mind. If the thoughts of the mind are negative, then the memory, sight, instinct, emotion, and behavior becomes negative. This happens due to the stress in the mind. The thought in the mind is actually the seed. “Positive thoughts are like a medical herb (Sanjivani buti) for stress,” he added.

He said that stressing the problem leads to stress. The effect of thoughts of the mind falls on the trees, plants, others, and on the self. If our thoughts are positive then it will have a positive effect. He said that to make life long, calm and successful, we should first make the thoughts positive. With positive thoughts problems become solutions. Having a positive view of others is nutritious food.

There are a lot of problems where there is tension. Due to stress and mutual differences, conflicts arise. Where there is tension, man becomes subjected to mental unrest, becomes addicted to intoxications and gets depressed. He said that due to negative thoughts that go into the mind, hatred, opposition and anger arises in the mind.

Dr. Lata Chauhan, a gynaecologist from Dhar, said that the source of positive thoughts is spirituality. She said that there is a need to make the self positive in the present time. Positive thinking is possible by acknowledging every situation. The continuous practice of Rajayoga constantly increases our morale and self-confidence.

BK Madhuri, In charge of the local Brahma Kumaris Rajayoga center, spoke about “Who is God”? and “What is the purpose of our lives”? She also highlighted the importance of Rajayoga in life and inspired everyone to make it a part of their life, like an organ.

At the end of the program, Rajayoga meditation was conducted to increase morale and self-confidence.

In Hindi:

त्रिदिवसीय तनाव मुक्ति शिबिर उद्घाटन

सकारात्मक विचारो से तनाव मुक्ति संभव—भगवान भाई

आलीराजपुर -मन में चलने वाले लगातार नकारात्मक विचार वर्तमान में अनेक समस्याओं का कारण बनते है। मन के नकारात्मक विचारों से ही तनाव उत्पन्न होता है। तनाव से मुक्ति के लिए सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है। उक्त उदगार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मुख्यालय माउंट आबू से पधारे हुए राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहे वे आज स्थानीय ब्रह्माकुमारीज के तीन दिवसीय तनाव मुक्ति शिबिर के उद्घाटन के कार्यक्रम में बोल रहे थे उन्होंने कहा कि सकारात्मक रहने से हर समस्या का समाधान निकलता है। बुराई में भी अच्छाई देखने का प्रयास करने से मन पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मन में चलने वाले विचारों से ही स्मृति, वृत्ति, भावना, दृष्टिकोण और व्यवहार बनता है। अगर मन के विचार नकारात्मक होंगे तो स्मृति, दृष्टि, वृत्ति, भावना, व्यवहार भी नकारात्मक बनता है। ऐसा होने से मन में तनाव पैदा होता है। मन के विचार ही वास्तव में बीज है। भगवान भाई ने सकारात्मक विचारों को तनाव मुक्ति की संजीवनी बूटी बताया।

उन्होंने कहा कि समस्या का चिंतन करने से तनाव की उत्पत्ति होती है। मन के विचारों का प्रभाव वातावरण पेड़-पौधों तथा दूसरों व स्वयं पर पड़ता है।यदि हमारे विचार सकारात्म है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जीवन को रोगमुक्त,दीर्घायु, शांत व सफल बनाने के लिएहमें सबसे पहले विचारों को सकारात्मक बनाना चाहिए। राजयोगी भगवान भाई ने कहा कि सकारात्मक विचार से समस्या समाधान में बदल जाती है। एक दूसरों के प्रति सकारातमक विचार रखने से आपसीभाई चारा बना रहता है।

भगवान भाई ने कहा कि जहां तनाव है वहां अनेक समस्याएं बढ़ जाती हैं। तनाव के कारण आपसी मतभेद, टकराव बढ़ जाते हैं। जहां तनाव है वहां मानसिक अशांति के वश होकर मनुष्य व्यसन, नशा, डिप्रेशन के वश हो जाता है। उन्होंने बताया कि मन चलने वाले नकारात्मक विचारों के कारण ही मन में घृण, नफरत, बैर, विरोध, आवेश और क्रोध उत्पन्न होता है।

धार से आई हुई स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ लता चौहान जी ने कहा कि सकारात्मक विचारों का स्त्रोत आध्यात्मिकता है। उन्होंने बताया वर्तमान समय स्वयं को सकारात्मक बनाने की आवश्यकता है। सकारात्मक सोचने वाला हर परिस्थिति को स्वीकार कर विजयी बन सकता है। उन्होंने कहा राजयोग के नित्य अभ्यास से ही हमारा मनोबल और आत्मबल बढ़ता है।

विधायक मुकेश पटेल जी ने कहा कि वर्तमान की परिवेश में हर एक को किसी न किसी बात का तनाव जरूर होता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज द्वारा बताई गई बातों को अमल में लाकर तनाव से मुक्त रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अपनी सकारात्मक सोच बनाकर जीवन को सफलता दिलाते है। इसीलिए अपने सोच को सदा सकारात्मक रखें।

स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवाकेंद्र की प्रभारी बी के माधुरी बहन ने बताया हम कोन है ?परमात्मा कोन है ? हमारे जीवन का उदेश क्या है ? उन्होंने जीवन में राजयोग का महत्व भी बताया और राजयोग को जीवन अंग बनाने की प्रेरणा दी कार्यक्रम के अंत में मनोबल, आत्मबल बढ़ाने के लिए राज योग मेडिटेशन भी कराया गया ।