Workshop On Value-Based Life With Positive Thinking

Vadodara (Gujarat): A day-long workshop on ‘Value-Based Life with Positive Thinking‘ was organized by the Brahma Kumaris at Parul University Campus in Vadodara. BK Bhagwan from Mount Abu was the chief guest on this occasion.

Deliberating on the importance of moral education, BK Bhagwan said that physical education can assure material well-being in the world, but spiritual education alone can assure mental health and happiness in life. Good values can help sustain the youth through various challenges that they inevitably face in life. Lack of values is the main cause of social unrest today. The tide of unbounded materialism must be supported with spirituality for a balanced environment. While the youth of today work for being self-sufficient, increasing unemployment often dashes their hopes. Under such circumstances, spiritual solace alone can help them keep their life on track and not be dejected and thereby commit suicide.

BK Arvind and BK Manisha (Head of the Brahma Kumaris Center in Atladara) guided the audience in experiencing Rajayoga meditation.

In Hindi:

बड़ोदरा  (गुजरात ): पारुल यूनवर्सिटी सकारात्मक चिन्तन से मूल्यंनिष्ठ जीवन पर कार्यशाला

आयोजक –स्थानीय ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र आटलादरा(गुजरात  )

ब्रह्माकुमार भगवान् भाई माउंट आबू, अजय शर्मा –ट्रेनिंग डायरेक्टर, दीपक हरिदास -कृषि विभाग, बबिता चौबे – ब्लाक आडमीटेशन,  बीके मनीषा बहन जी राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र आटलादरा(गुजरात ), बीके अरविन्द भाई भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में मेडिटेशन कराया। सभी शिक्षक स्टाफ भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर भगवान् भाई  ने कहा कि भौतिक शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैं,लेकिन परिवार, समाज,कार्यस्थल में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते उन्होंने कहा कि युवा उच्चशिक्षा प्राप्त करके डॉक्टर, इंजीनियर बनकर धनोपार्जन कर सुख-सुविधा युक्त जीवन निर्वाह करना चाहते हैं,परंतु जब उनका उद्देश्यपूर्ण नहीं हो पाता तो उनका मन असंतुष्ट हो उठता है और मानसिक संतुलन गड़बड़ा जाताहै। शिक्षा से प्राप्त उपलब्धियां उन्हें निर्थक प्रतीत होती हैं। भगवानभाई ने कहा की  नैतिकमूल्यों से व्यक्तित्व में निखार, व्यवहार में सुधार आता है। नैतिकमूल्यों का ह्रास व्यक्तिगत, सामाजिक,राष्ट्रीय समस्या का मूलकारण है। समाज सुधार के लिए नैतिक मूल्य जरूरी है। उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा की धारणा से, आंतरिक सशक्तीकरण से इच्छाओं को कम कर भौतिक वाद की आंधी से बचा जा सकता है। व्यक्ति का आचरण उसकी जुबान से ज्यादा तेज बोलता है। लोग जो कुछ आंख से देखते हैं उसी की नकल करते हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान युग में लड़का हो या लड़की, सभी स्वावलंबी होना चाहते हैं, मगर बेरोजगारी की समस्या हर वर्ग के लिए अभिशाप सा बन चुकी है। मध्यम वर्ग के लिए तो यह स्थिति अत्यंतकष्टदायी होती है। जब इस प्रकार की स्थिति हो जाती है तो जीवन में आए तनाव से मुक्ति पाने के लिए वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने को बाध्य हो जाते हैं।महिलाओं की स्थिति तो पुरुषों की तुलना में ज्यादा ही खतरनाक है।

जीवनमें नैतिक मूल्य होंगे तो आदमी लालच, हिंसा,झूठ, कपट का विरोध करेगा और समाज में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा नैतिकता से मनोबल कम होता है। मूल्यों की शिक्षा से ही हम जीवन में विपरीत परिस्थिति का सामनाकर सकते हैं। जब तक हम अपने जीवन में मूल्यों और प्राथमिकता का निर्धारण नहीं करेंगे,अपने लिए आचारसंहिता नहीं बनाएंगे तब तक हम चुनौतियों का मुकाबला नहीं कर सकते।

बीके मनीषा बहन सस्था का परिचय दिया । अजय शर्मा –ट्रेनिंग डायरेक्टर जी ने जीवन को तनावमुक्त खुशहाल बनाना हैं तो वर्तमान में जीना सीखें, क्यो कि भूतकाल भुनाया हुआ चैक है और भविष्य निवेश की हुई जमा राशि है, जबकि वर्तमान नगद पैसा हैं जिसका आप जैसे चाहें वैसे उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह संसार परिवर्तनशील है इसलिए किसी पर यह लेबल न लगाए कि ये बदल नहीं सकता, सोने से पहले सारे दिन का हाल परमात्मा को बताकर सोए। बी के अरविन्द भाई ने भी अपना सम्बोधन दिया।