Talk on Ethical and Moral Values for Youth

Kotakpura, Punjab:

“We can get employment from physical education, but we can not deal with the problems or challenges in the family, society, workplace,” shared BK Bhagwan from Mount Abu, speaking at D.C.M. International School, Kotakpura, where he was addressing students on the importance of ethical education in schools.

He shared that ethical values improve one’s personality and behaviour and that the degradation of values is responsible for personal, social and national problems. He said that moral values are necessary for the reform of the society; by inculcating ethical values and with self-empowerment, one can reduce and even avoid the storm of materialism that comes with desires.

BK Bhagwan also said that we can only inspire people when we live our lives with ethical values, as that is when one can oppose greed, violence, lies, deceit and spark change in society. Only by education of values can one face adversity in life. Without values, he said, one cannot establish a code of conduct for the self and meet challenges. A code of ethics is essential for our character upliftment and development of internal powers.

He concluded by calling ‘spirituality as the source of all moral values,’ and said that, until one adopts spirituality in life, values are not possible.

On this occasion, BK Poonam Siddhi said that, presently, children require good habits, calling cultured children as the ‘true assets of the country’.

The Coordinator, M. L. Tina, also said that ethical education is the need of the hour and invited the Brahma Kumaris sisters to impart moral lessons in schools.

The Principal, Shivinder Shethi, also stressed values as the need of the hour.

At the end, BK Bhagwan conducted a meditation session on increasing will power during examinations and relieving stress.
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कोटकपूरा

‘भौतिक शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैंलेकिन परिवारसमाजकार्यस्थल में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते’ उक्त उदगार माउन्ट आबू से पधारे हुए बी के भगवान भाई ने डी. सी. एम्. इंटरनेशनल स्कूल में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर बोलते हुए सभी छात्र ,छात्राओ को कहा|

उन्होंने कहा की  नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व में निखारव्यवहार में सुधार आता है।नैतिक मूल्यों का ह्रास व्यक्तिगत,सामाजिकराष्ट्रीय समस्या का मूल कारण है। समाज सुधार के लिए नैतिक मूल्य जरूरी है।उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा की धारणा सेआंतरिक सशक्तीकरण से इच्छाओं को कम कर भौतिकवाद की आंधी से बचा जा सकता है। व्यक्ति का आचरण उसकी जुबान से ज्यादा तेज बोलता है। लोग जो कुछ आंख से देखते हैं, उसी की नकल करते हैं।

भगवान् भाई ने कहा कि हमारे जीवन में श्रेष्ठ मूल्य है तो दूसरे उससे प्रमाणित होते हैं।जीवन में नैतिक मूल्य होंगे तो आदमी लालचहिंसाझूठकपट का विरोध करेगा और समाज में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा नैतिकता से मनोबल कम होता है। मूल्यों की शिक्षा से ही हम जीवन में विपरीत परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। जब तक हम अपने जीवन में मूल्यों और प्राथमिकता का निर्धारण नहीं करेंगेअपने लिए आचार संहिता नहीं बनाएंगे तब तक हम चुनौतियों का मुकाबला नहीं कर सकते। चरित्र उत्थान और आंतरिक शक्तियों के विकास के लिए आचार संहिता जरूरी है। उन्होंनेे अंत में नैतिक मूल्यों का स्रोत आध्यमित्कता को बताया। जब तक आध्यात्मिकता को नहीं अपनाएंगे जीवन में मूल्यों की धारणा संभव नहीं है।

इस मोके पर बी के पूनम बहन  ने कहा  के वर्तमान में बच्चो को अच्छे संस्कार कि आवश्यकता है उन्होंने बताया कि संस्कारित बच्चे देश कि सच्ची सम्पति है 

 कार्डिनेटर, एम् . एल टीना ने भी अपन उद्भोदन देते हुए कहा  की नैतिक शिक्षा वर्तमान की आवश्यकता है बहनो को आगे विद्यालय में नैतिक पाठ पढाने के लिए निमंत्रण दिया

प्रिंसिपल शिविन्दर शेठी  जी ने भी अपना उद्बोधन दिया कहा की वर्तमान में मूल्यों की आवश्यकता है

अंत में भगवान् भाई ने परीक्षा के समय मोबल बढ़ाने और तनाव मुक्ति हेतु  मेडिटेशन भी कराया|