Seminar on “Women Empowerment and Destressing with Rajayoga”

Sagar ( Madhya Pradesh ): The zonal headquarters of the Brahma Kumaris in Bhopal organized an empowerment campaign for women in the state. Under this, forty Brahma Kumaris and Kumars travelled to various places and interacted with people to raise awareness and talk about female issues. A seminar entitled “Women Empowerment and Destressing with Rajayoga” was held when the campaign reached Sagar at the Trimbakeshwar Garden.

On this occasion, Zonal In Charge of the Brahma Kumaris, BK Adarsh, put forth the example of the lives of Brahma Kumaris sisters as symbolic of women empowerment. Filled with purity, simplicity and virtue, their lives are dedicated to the service of humanity. They have touched the lives of so many people with the light of knowledge and have given them happiness. The aim of the Brahma Kumaris is to transform into humans with elevated consciousness through Rajayoga. When a sufficient number of people reach this ideal, a golden age will dawn upon earth. Everyone must dedicate at least one hour a day to connect with the Supreme Soul.

BK Chhaya, In charge of the local center, urged everyone to respect women. BK Neelam talked about the need to instill good values in children right from the beginning. BK Laxmi said that women should become conscious of their inner power with Rajayoga and use it for social emancipation.

BK Sita gave examples from traditional Indian texts to prove that women were held in great esteem earlier in this country’s social fabric. Spirituality gives the inner strength to lead dignified and self-sufficient lives.

 

News in Hindi:

*ब्रह्माकुमारीज में देवी-देवता बनने की दी जा रही ट्रेनिंग: राजयोगिनी अवधेश दीदी*
– राजयोग द्वारा महिला सशक्तीकरण और तनावमुक्ति विषय पर समारोह आयोजित
– भोपाल से पधारी जोनल निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दादी का किया सम्मान
– वक्ताओं ने महिला के उत्थान और सशक्तीकरण पर दिया जोर
सागर:  ब्रह्माकुमारीज संस्थान के जोनल हैडक्र्वाटर राजयोग भवन भोपाल द्वारा पूरे जोन में महिला सशक्तीकरण अभियान निकाला जा रहा है। अभियान में 40 बालब्रह्मचारी, राजयोगी ब्रह्माकुमार भाई-बहन चल रहे हैं। इसका मकसद नारी को सशक्त बनाना व जागरूक करना है। अभियान के सागर पहुंचने पर कबूला पुल स्थित त्र्यंबकेश्वर गार्डन में राजयोग द्वारा महिला सशक्तीकरण और तनावमुक्ति विषय पर समारोह आयोजित किया गया।
जोनल निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दीदी ने कहा कि बालब्रह्मचारिणी, राजयोगिनी, तपस्वी ब्रह्माकुमारियां साक्षात् में देवियां हैं जो पूरे समाज को जगाने का कार्य कर रही हैं। ये बहनें ज्ञान गंगा बनकर विश्व के कोने-कोने में शिव संदेश दे रही हैं। आज इन बहनों के प्रयासों से लाखों लोगों का जीवन स्वर्ग समान बन गया है। ब्रह्माकुमारीज में सहज राजयोग की शिक्षा देकर देवियां-देवी बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
*एक घंटा परमात्मा को दें…*
उन्होंने कहा कि रोजाना एक घंटा सर्व आत्माओं के परमपिता परमात्मा को जरूर दें। उनसे बातें करें और शक्ति प्राप्त करें। परमात्मा राजयोग की शिक्षा देकर सतयुगी देवी-देवताओं का चयन कर रहे हैं। ये भाग्य बनाने का समय है। यदि भगवान से प्यार है तो अपने आप को स्वर्णिम दुनिया में जाने के सक्षम बनाएं। सागर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके छाया दीदी ने सभी का आभार जताते हुए महिलाओं का सम्मान करने का आह्नान किया।
*बच्चों को बचपन से दें अच्छे संस्कार…*
बीके नीलम बहन ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देंगे तो बड़े होकर वह अच्छे, चरित्रवान औैर सभ्य नागरिक बनेंगे। ये दायित्व नारी शक्ति के ऊपर है। बीके लक्ष्मी बहन ने कहा कि नारी के हाथ में परिवार की बागडोर होती है, परिवार में खुश-शांति लाने में नारी का अहम योगदान है। नारी अपनी शक्ति को पहचानें और उसे विश्व परिवर्तन के कार्य में लगाए। बीके संध्या बहन ने कहा कि राजयोग से मानसिक शांति मिलती है। इससे हमारे विचार शुद्ध और पवित्र बनते हैं। अपने जीवन में राजयोग को शामिल करें और इसके चमत्कार देखें।
*शास्त्रों में भी नारी की महिमा…*
बीके सीता बहन ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को पुरुष से आगे रखा गया है इसलिए राधे-कृष्ण, सीता-राम कहते हैं। शास्त्रों में भी नौ देवियों का गायन है। बीके खुशबू बहन ने कहा कि बेटियों को अच्छी शिक्षा तो दी जा रही है वह उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने की जरूरत है। आध्यात्म से जुडऩे से मन मजबूत बनता है। बीके मोहिनी बहन ने कहा कि हम परमात्मा को मानते हैं पर परमात्मा की नहीं मानते। इस दौरान उन्होंने प्रैक्टिकल एक्सरसाइज कराकर सभी को स्पष्ट कराया। समापन पर सभी को प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान छोटी बालिकाओं ने मधुर गीतों पर सुंदर प्रस्तुति दी। साथ ही आने वाले नवयुग की एक झलक दिखाई। समारोह में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित रहे।