Poet Convention at Kumbh

Brahma Kumaris Organize Poet Convention

Prayagraj, Allahabad:

The Brahma Kumaris recently organized a Kavi Sammelan (Poet Convention) at the Satyam Shivam Sundaram Spiritual Fair in Sector-5 of the Kumbh Mela area at Prayjgraj. On this occasion, renowned poets and poetesses from different places of northern India including Prayagraj were present. The stage was conducted by Prayagraj’s pride, poet Mr. Karunesh.

Launching the convention, Karunesh welcomed all, including Brahma Kumari sisters from across the country, to the confluence city of Triveni Sangam. He was joined in his poetic address by Professor Dr. Indu Prakash Mishra (Indu), who described the atmosphere of Mount Abu ( the headquarters of Brahma Kumaris) and Triveni Sangam. Dilip Tiwari, son of noted poet Shri Rajendra Tiwari, overwhelmed the crowd when he recited a few of his father’s lines. The crowd also enjoyed some serious laughter with the poetic address by poet Chirkut Allahabadi.

Thereafter, Prof. Dr. Rajendra Tripathi of Allahabad Degree College, (‘Rasraj’) honored Indian women in his poem. Dr. Pandit Ram Lakhan Shukla, the creator of ‘Kumbh Darshan,’ also soaked the audience in the colors of devotion.

Presiding over the Poet Convention, BK Manorama explained the importance of values and character. Poet Umakant Pandey interacted with all present through the poetry recitation.


कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 5 स्थित सत्यम शिवम सुंदरम अध्यात्मिक मेला पंडाल में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया| इस अवसर पर प्रयागराज सहित उत्तर भारत के विभिन्न स्थानों से ख्याति प्राप्त कवि एवं कवियित्री उपस्थित रहे| मंच का संचालन प्रयागराज के गौरव कवि करुणेश जी ने किया|

कवि सम्मेलन का शुभारंभ, त्रिवेणी संगम से कवियों को तथा देश के कोने-कोने से पधारी ब्रम्हाकुमारी बहनों को जोड़ते हुए करुणेश जी ने किया|काव्य सरिता के इस प्रवाह को अविरल गति देते हुए, प्रोफेसर डॉक्टर इंदु प्रकाश मिश्र ‘इंदु’ ने काव्य पाठ से माउंट आबू के वातावरण तथा त्रिवेणी संगम के वातावरण का वर्णन किया |
इसी क्रम में प्रख्यात कवि श्री राजेंद्र तिवारी के सुपुत्र दिलीप तिवारी ने अपने पिता की पंक्तियां सुनाकर जनसमूह को भाव विभोर कर दिया| काव्य सरिता में सराबोर जनसमूह के मन को हास्य रस से ओतप्रोत करते हुए अगले कवि ‘चिरकुट इलाहाबादी’ ने अपने चिर परिचित अंदाज से लोगों को हंसी में लोटपोट होने को मजबूर कर दिया|इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर डॉ राजेंद्र त्रिपाठी ‘रसराज’ ने भारतीय नारी की महिमा करते हुए, सभी को भाव विभोर कर दिया|‘कुंभ दर्शन’ के रचनाकार डॉक्टर पंडित राम लखन शुक्ला ने ,श्रोताओं को खूब झूमाया |

कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए ब्रह्माकुमारी मनोरमा दीदी ने मर्यादाओं ,चरित्रों में होने वाले क्षरण पर सभी का ध्यान खिंचवाया| इसके अतिरिक्त कवियित्री नीलिमा जी, कवि उमाकांत पांडे आदि ने भी काव्य पाठ के द्वारा सभी के अंतर्मन को हर्षोल्लास से भरपूर किया|