Online Webinar on SHE: Security, Health & Empowerment of Women (Haryana)

Ambala ( Haryana ): The Brahma Kumaris of Ambala Cantt in Dayal Bagh, with the Women’s Wing of the Rajayoga Education and Research Foundation, Mount Abu, held a Webinar, named “SHE” to discuss with various experts on “Security, Health & Empowerment of Women.” It was presided by BK Krishna, Director of Brahma Kumaris, Ambala Sub Zone.

Madam Namrata Goud, Member of the State Women Commission for women of Haryana State, stating some of the Government’s Law regarding Security of Women, said that in case of any problem, the helpline number 1091 must be contacted. Women must know their Rights in Property, Same Pay for Same Job, Maintenance Allowance and the Role of the Women Police Station.
Dr. Sangeeta, the Women Health Specialist of Vardhaman Hospital, defining Health said, “To remain healthy Mentally, Emotionally, Socially and Physically in fact is called Health. Women must pay attention mainly to Exercise, Food and Rest. Walking, Yoga and Pranayam as part of Exercise, Protein and Carbohydrates in Food and 8 hours’ rest is essential.”
Madam Reetika Vashishtha, DCM of Ambala Division in Northern Railway, presenting her views said, “Brahma Kumaris is exemplary in Women Empowerment by itself. The Organisation administered by Sisters around the World is giving praiseworthy cooperation towards the Security and Empowerment of Women actively. Women must be alert and aware of their Rights. Only Woman can create a Moral Family and Society.”
BK Dr. Savita, Rajayoga Education and Research Founation Women’s Wing Coordinator from Mount Abu, as a Chief Speaker said, “Our Cultural Beliefs are the cause behind all atrocities toward women like misdeed, domestic torture and feticide. At the same time, our Social and Religious beliefs also treat any rituals performed by only sons as proper. As such, daughters given in marriage is considered to be the greatest charity. But still prime importance is given to money in the form of a dowry. Parents are required not to show any discrimination between sons and daughters in the matter of bringing them up. Even after so many efforts, due Security to women is not available.  To face challenges in life, enhancing inner power is necessary. For this, Mental Transformation is required which is possible only by Spirituality. Along with a healthy Body, Mind should also be healthy. Women must pay special attention to this.”
BK Asha, Coadministrator of the BK Centre located in Dayal Bagh, said that Bharat is the only country in the name of which the word Mata (Mother) is being used. In the Golden Aged World, it is first Laxmi then Narayan, first Sita and then Ram, first Radhey then Krishna is being pronounced. Even today annexing Woman’s name with Devi at the end, is a mark of importance of a Woman. Three special qualities of mercy, tolerance and sacrificing nature makes her still greater. God also by descending on Earth tends all as a Mother. Keeping all these in mind, woman should never consider herself as weak.
News in Hindi:
अंबाला छावनी के दयाल बाग स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र एवं आर ई आर एफ, माउंट आबु, राजस्थान के
महिला प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान मे महिला सशक्तिकरण विषय पर “शी” नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर विभिन्न विशेषज्ञों ने चर्चा की | कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्माकुमारीज़ अंबाला सबजोन की डाइरेक्टर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कृष्णा दीदी ने की | 
 
बतौर मुख्यवक्ता, महिला प्रभाग, आर ई आर एफ, माउंट आबु, राजस्थान की मुख्यालय समन्वयक ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने अपने वक्तव्य में कहा की महिलाओं के साथ दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, भ्रूण हत्या जैसी समस्याओं के पीछे हमारी सांस्कृतिक मान्यताएं जुड़ी हुई है | साथ ही हमारी सामाजिक एवं धार्मिक मान्यताएँ भी पुत्र द्वारा ही अनेक क्रिया कर्म करवाए जाने को उचित मानती हैं | यूं तो कन्या दान को सबसे बड़ा दान माना जाता है परंतु इसके बावजूद भी दहेज के रूप में धन को ही प्राथमिकता दी जाती है | माता पिता को चाहिए कि वो अपने बच्चों की परवरिश करते समय लड़के लड़की में अंतर न करें | अनेक प्रयासों के बावजूद जो सुरक्षा महिला को मिलनी चाहिए वो मिल नहीं पाई | जीवन में समस्याओं का सामना करने के लिए आंतरिक बल को बड़ाने की ज़रूरत होती है | ऐसे में मानसिक परिवर्तन की आवश्यकता है जो कि अध्यात्मिकता द्वारा ही संभव है | स्वस्थ शरीर के साथ साथ मन भी स्वस्थ रहे, महिलाएं इसका विशेष ध्यान रखें |

हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रवक्ता नम्रता गौड़ ने अपने वक्तव्य में महिला सुरक्षा से संबन्धित कानूनी जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले किसी भी परेशानी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1091 पर फोन करें |
महिलाएं अपने संपत्ति में, समान कार्य समान वेतन, गुज़ारा भत्ता जैसे अधिकार तथा महिला थानों की भूमिका को समझे |

महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ वर्धमान हस्पताल की डाक्टर संगीता ने सम्पूर्ण स्वास्थ्य की परिभाषा देते हुए बताया कि मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना वास्तविक स्वास्थ्य होता है | महिलाओं को जिन मुख्य तीन बातों पर ध्यान देना चाहिए वो है व्यायाम, खाना और आराम | व्यायाम में सैर, योग, प्राणायाम ; खाने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और आठ घंटे आराम ज़रूरी है |

महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रखते हुए उत्तरी रेलवे अंबाला डिवीज़न की डी सी एम रीतिका वशिष्ठ ने कहा कि ब्रहमाकुमारिज महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है | बहनों द्वारा चलाई जाने वाली विश्व व्यापी संस्था महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सक्रियता से सराहनिय योगदान दे रही है | महिलाओं को जागरुक रह अपने अधिकारों को जानना चाहिए | स्त्री ही अच्छे परिवार एवं समाज की स्थापना कर सकती है |

दयाल बाग स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र की सह संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने अपने वक्तव्य मे कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसके साथ माता शब्द का प्रयोग होता है | स्वर्णिम दुनिया मे भी पहले लक्ष्मी फिर नारायण, पहले सीता फिर राम, पहले राधे फिर कृष्ण पुकारा जाता था | आज भी महिलाओं के नाम के बाद देवी लगाना प्रतीक है नारी के महत्व का | तीन विशेष गुण रहम, सहनशीलता तथा त्याग वृति नारी को और भी महान बनती है |परमात्मा भी धरा पर आकर पहले माता रूप से ही सबकी पालना करते | इन्ही सभी बातों को मन
मे रख कभी भी महिला स्वयम को कमजोर ना समझे |