Jalore Brahma Kumaris Hold Online Webinar on Senior Citizen’s Day

Jalore ( Rajasthan): The Brahma Kumaris of Jalore held an online Webinar on the occasion of Senior Citizen’s Day.  The topic of the day was “Fearless and Happy Life in Present Times.”

Rajayogi BK Suraj, Senior Rajayoga Teacher and Television Personality from Mount Abu, was the Chief Speaker of this program.

BK Madhusmita, Principal of S. P. S. Baleshwar, coordinated this session.  Other guests included Lalit Dave, Retired Senior Accounts Officer;  Engineer Padmaram Chaudhary; State Organization Minister of Bharat Vikas Parishad; Paramanand Bhatt, Poet and Retired Assistant General Manager of Rajasthan Mathura Gramin Bank; BK Manju, In-charge of Brahma Kumaris in Bhadrak; BK Prem, Musician from Madhupur, and BK Ranju, Incharge of Brahma Kumaris in Jalore.

BK Suraj, Senior Rajayogi and Television Personality from Mount Abu, said that to become fearless, we need to recognize our inherent power and manifest it. Insecurity is the root cause of fear. He appealed to people of all ages to connect with the Spiritual principles.  For a happy life in advanced age, make God your guide, friend and ally. Gratitude towards all is the key to happiness.

Lalit Dave, Retired Senior Accounts Officer,  said that for a happy life, special attention must be given to our daily routine.  We must learn to face all challenges.  Transferring all our burdens to the Supreme Soul, we must become light.

Premanand Bhatt, Poet, while expressing his good wishes for this initiative, said that in the evening of life, although the senses become weak, but for those who have nurtured their relationship with the Supreme Soul,  it becomes easier to navigate this phase of life.

Engineer Padmaram Chaudhary spoke about the need to contain materialistic tendencies and explore spirituality to live a worthy life.

BK Manju, in her address, said that we must connect with the Supreme Soul to make our life successful.

BK Ranju conducted a Rajyoga Session with meditation commentary for the audience.  The message of using Rajyoga Meditation to live a happy life was given to all on this day.

News in Hindi:

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग केंद्र जालोर के सौजन्य से ऑनलाइन वैबीनार पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।वेबीनार का विषय वर्तमान समय में भयमुक्त एवं खुशनुमा जीवन रखा गया। कार्यक्रम गुरुवार को शाम 5:00 बजे से 7:30 बजे तक संचालित रहा । कार्यक्रम का संचालन बी.के. मधुस्मिता प्रिंसिपल एस.पी.एस. बालेश्वर द्वारा किया गया। सेमिनार में डॉ. बी.के. कृष्णा द्वारा मुख्य वक्ता राजयोगी आदरणीय बी.के. सूरज भाई जी माउंट आबू ,अन्य सम्मानिय आमंत्रित अतिथि के रुप में सेवानिवृत्त सीनियर अकाउंट ऑफीसर भ्राता ललित दवे ,भारत विकास परिषद के प्रांतीय संगठन मंत्री इंजीनियर पदमाराम चौधरी, सेवानिवृत्त असिस्टेंट महाप्रबंधक राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक लेखक भ्राता परमानंद भट्ट जी, बी.के. मंजू इंचार्ज भद्रक, उड़ीसा, संगीतकार बी.के. प्रेम भाई ,मधुपुर ,बी.के .मधुस्मिता एवं वेबीनार के समन्वयक बी.के. रंजू संचालिका राजयोग केन्द्र जालोर के परिचय एवं स्वागत अभिनंदन कर श्रीगणेश किया गया ।कार्यक्रम के प्रति कवि के अंदाज़ में परमानंद भट्ट ने अपने शुभ भावना देते हुए कहा कि जीवन के संध्याकाल में “झर झर कश्ति, टूटा चप्पु और किनारा दूर बहुत है ,
लहर लहर आतंक मचाता तूफां भी मगरूर बहुत है, शिव संकल्प सजाकर मन में जो साहस के साथ बढ़ा था ,उस हनुमान से सागर हारा , पद किस्सा मशहूर बहुत है। आदरणीय सुरज भाई जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि अपने अंदर छिपी हुई शक्ति को पहचानना, मन की शक्ति को पहचान कर अपने को स्ट्रांग करना है तो भय से मुक्ति हो जाएगी। मन में आशंका ही भय का कारण है। सभी वर्ग के आयु वालों को कहना चाहूंगा कि जीवन को अध्यात्म से जोड़े। जीवन के अंतिम पड़ाव में परमात्मा से जुड़े उनको अपना मित्र सखा अपना गाइड बनाएं तब आप खुशनुमा जीवन जी सकेंगे। सबका शुक्रिया करो यही जीवन जीने की कला है ।भ्राता ललित दवे ने कहा कि खुशनुमा जीवन हेतु अपने दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें। परिस्थितियों का सामना करते जिंदगी को आगे बढ़ाएं । आज कोविड-19 के भय के वातावरण में  अपना सभी प्रकार का बोझ  परमात्मा को सौंप कर  हल्के होकर जीए । इंजीनियर पदमाराम चौधरी ने कहा कि इस जीवन को व्यर्थ नहीं गवांकर शान  से जीवन जीना है। और भौतिकवाद में अनिष्ट की आशंका एवं वहम को त्यागकर अध्यात्म का सहारा लेकर अपने जीवन को आनंदित कर सकते हैं । भय के कारण का निवारण करना है।
बी. के.  मंजू ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि प्रभु पिता से अपने को जोड़ो और जीवन को पार लगाओ ।अपने मन में परमपिता परमात्मा को याद करेंगे तो हमें शक्तियां मिलेगी। अपने को ही करना है फिर पाना है अतः अपने आप पर स्वयं कृपा करो ।खुदाई खिदमतगार है समय को सफल कर सफलता पानी है जैसे मां बाप का आशीर्वाद आगे बढ़ाता है ऐसे ही ईश्वर से जुड़कर आशीर्वाद पाना है ।
कार्यक्रम के समन्वयक रंजू ने अपनी कॉमेंट्री के द्वारा योग कराकर प्रभु से जोड़ने की सरल विधि बताई । सीनियर सिटीजन डे  पर  सभी  प्रबुद्ध  जनों को शुभकामनाएं प्रेषित कर सभी अतिथियों एवं दर्शकों को हार्दिक आभार व धन्यवाद व्यक्त किया।

 समय की मांग है कि खुशनुमा जीवन जीना है तो राजयोग करें। मन बुद्धि को परमात्मा के सामने समर्पण करें।भयमुक्त होना है तो अपने मन बुद्धि को ईश्वर से लगावे एवं मेडिटेशन करने से आत्मविश्वास बढ़ा कर खुशनुमा जीवन जीए ।वेबीनार यूट्यूब पर भी प्रसारित किया गया ।