Jail as a Medium of Self-Transformation: ‘A Crime-Free Life’

Vellore ( Tamil Nadu ):  No man is a born criminal.  Wrong company, drugs, cinema , and anger lead him to the ways of crime. To become free of criminal tendencies, realization of one’s mistakes are essential. These thoughts were addressed to the female inmates of the jail at Vellore by BK Bhagwan from Brahma Kumaris, Mount Abu.
The topic under discussion was ‘A Crime-Free Life‘. BK Bhagwan has given the teachings of a value-based life in more than 800 prisons to date.  His name figures in the India book of records for this as well.
He further elaborated the fact that every happening in life can lead to some good, provided we learn the art of positive thinking. For that, establishing and maintaining a relationship with God is essential.
BK Ravi from the local Brahma Kumaris center said that we should not misuse the sense organs given to us by the Almighty.  If driven by greed we misuse them, and in the next birth they will trouble us immensely.
Jail Sub Incharge Vijaya said that loss of self confidence makes people feel lonely and leads to loss of peace and mental quiet.  Along with the inmates, the jail staff also attended the program. Pamphlets with the Divine message were also distributed.
News in Hindi :

जेल स्वयं को परिवर्तन करने का केंद्र है –बी. के. भगवान भाई

वेल्लोरे – मनुष्य जन्म सेअपराधी नहीं होता गलतसंगतनशासिनेमा और क्रोध अपराध कराता है।अपराध मुक्त बनने गलतियों को महसूस करना जरूरी है। उक्त उदगार माउंट आबू राजस्थान से आये हुए ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने महिला काराग्रह में बंदिस्त महिला कैदियो को संबोधित करते हुए कही   वे अपराधमुक्त जीवन विषय परसंबोधित कर रहे थे।

भगवान भाई अब तक करीब 800 जेलों में नैतिकता कापाठ पढ़ा चुके हैं।उन्होंने जेलों में नैतिक पढ़ाकर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करा चुके हैं। 

भगवानभाई बोले कर्म ही मनुष्य को च्छा और बुरा बनाता है। उन्होंने कहा जेल को सुधारगृह मानकर गलतियोंको दूर करने का प्रयास करना चाहिए। मानव जीवन अमूल्य है। उन्होंने कहा कि इंद्रियों को संयमित कर हम अपने जीवन को अपराध मुक्त कर सकते है।

भगवान् भाई ने कहा कि  व्यक्ति को अपने अंदर देखकर जीवन के उद्देश्य की पहचान करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जीवन की हर घटना के पीछे कुछ  कुछ कल्या होता है। मनुष्य को अपना मन प्रभु चिंतन में लगाना चाहिए। व्यक्ति को हर घटना पर जो हुआ अच्छा हुआजो होगा वह भी अच्छा होगा, जो हो रहा है वह अच्छा हो रहा हैजैसी सोचरखनी चाहिए। 

स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र के  बी के रवि भाई जी ने कहा कि हमें परमात्मा ने ये इंद्रियां दी है, उसका दुरुपयोग नहीं करना है। हम लोभ,लालच में आकर उसका दुरुपयोग करते हैं तो फिर अगले जन्म में ये इंद्रियां अधूरे रूप में होंगी।