“Happy and Safe Journey” – Webinar on World Day of Remembrance for Road Traffic Victims

Indore ( Madhya Pradesh ): On the occasion of World Memorial Day, the Traffic and Transport Wing of tthe Brahma Kumaris of Indore conducted a Webinar on the topic, “Happy and Safe Journey” at Gyan Shikhar Om Shanti Bhavan, to pay homage in memory of those who lost their lives in road accidents and to extend moral support to the injured.

BK Divya Prabha said, “Traffic and transport is a necessity in life. Everyone wants to reach the destination safely and in time. But suddenly getting injured or losing their lives in an accident is a strange irony. In spite of having good roads and good vehicles, accidents are increasing day by day. Lakhs [hundreds of thousands] of people all over the world are getting physically handicapped or dying. 90 percent are happening due to human error and only 10 percent are due to other reasons. The main cause of these is non-observance of road safety rules. In order to minimize the road accidents, change in human nature is very essential. Driving with mental tension, a disturbed and competitive attitude, or driving in a hurry, people overlook traffic rules and as a result definitely meet with accidents. So for the safety of our invaluable life we must respect and follow traffic rules and drive with a peaceful mind, have goodwill for co-travelers, then the journey would be happier and easy. Along with a good bike and car, virtues must be given by parents to children, then they would be successful in the journey of life.”

Mr. Mukul Choudhary, President of the Group Training Academy, Skoda Auto Voxwagon Private Limited India, from Pune, explained through a Power Point presentation about the aspects to be paid attention to while driving on the streets. He said, “During long drives, the body must be given intermittent rest and to keep the mind cool, play pleasant music. Love your vehicle as you love yourself. Have a positive attitude, good feelings and commence the journey with goodwill and blessings of all to make the journey comfortable.”

On this occasion BK Hemlata, Chief Zonal Coordinator of Indore, said, “However educated and trained the driver may be, but if he doesn’t have control of his mind, it’s impossible to have control of the steering of the vehicle too. As essential items are carried during a journey, similarly all the mental tensions, worries and disturbances must be handed over to God Father and make Him your Companion. Never take to addictions of liquor, etc., to get rid of tensions.” She said, “Rajayog Meditation helps to get de-addicted, improves Power of Concentration, and increases work ability. As for our safety we follow the traffic rules on the road, so also if we observe moral values, our life journey also becomes comfortable.”

Mr. Santosh Upadhyay, Traffic DSP of Indore said, “One must be aware of all the traffic rules for driving two wheelers and four wheelers on the road.” He explained the rules clearly and said, “If they are followed seriously, we can remain safe from accidents. Without wearing a helmet, talking on mobile phone, and going fast while driving, two wheelers will definitely cause accidents on roads.”

Mr. Dilip Singh Parihar, Traffic Police Station in Charge, conducted an oath taking by all to follow the Traffic Rules.

Mr. Kailash Baheti, Rukmini Motors Proprietor, and Mr. Ramesh Anand, Dealer of Nissan and Voxwagon Automobile, Indore, extended their greetings to all.

Rajayoga Meditation was conducted with a commentary to send positive vibrations of peace for the injured in road accidents and their families to boost their morale, and homage was paid by the lighting of lamps for those who lost their lives.

The entire program was coordinated by BK Anita.

News in Hindi:

– सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों को आत्मिक शांति देने मनाया विश्व यादगार दिवस

– 90प्रतिशत सड़क दुर्घटना मानवीय भूलों के कारण होती

इंदौर । यातायात एवं परिवहन हरेक मनुष्य के जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है, सभी का लक्ष्य होता है कि हम सही समय पर आराम से अपने गन्तव्य तक पहुंच जायें, लेकिन अचानक रोड़ एक्सीडेंट में घायल हो जाता या मृत्यु का शिकार हो जाना यह जीवन की बहुत बड़ी विड़म्बना है। वर्तमान समय अच्छी सड़के, अच्छे वाहन होने के बाद भी रोड़ एक्सीडेंट दिनों दिन बढ रहे हैं जिससे पूरे विश्व में प्रतिदिन लाखों लोगों की मौत हो जाताी है या शारीरिक रुप से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं इन दुर्घटनाओं का 90 प्रतिशत कारण मानवीय भूल 10प्रतिशत अन्य कारण से होता है। जिसमें सबसे बड़ी भूल सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागृत ना होना है। इन दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये मानवीय प्रवृत्ति को बदलना अति आवश्यक है। सड़क पर मानसिक तनाव की स्थिति में अशांत मन से जल्दबाजी में एक दूसरे से आगे जाने की होड में ट्रेफिक नियमों को अनदेखा कर गाड़ी चलायेंगे तो निष्चित ही दुर्घटना का शिकार होंगे। अतः अपने अमूल्य जीवन की रक्षा के लिये सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए। शंात मन से वाहन चलाये अपने सहयात्रियों प्रति सद्भाव रखें तो यात्रा सुखद और आसान होगी । माता पिता अपने बच्चों को अच्छी बाईक, अच्छे कार के साथ साथ संस्कार भी देंवे तो जीवन रुपी यात्रा में भी सफलता प्राप्त होगी।

उक्त विचार ब्रह्माकुमारीज के यातायात एवं परिवहन प्रभाग द्वारा “ सुखद एवं सुरक्षित यात्रा “ विषय पर आयोजित आॅनलाईन वेबिनार में प्रभाग की राष्ट्रीय उपाध्यक्षा ब्रह्माकुमारी दिव्यप्रभा -मुंबई ने उच्चारे कल संध्या 6 बजे ज्ञानशिखर ओमशान्ति भवन में सड़क दुर्घटना में शरीर छोड़ने वालों की आत्मिक शांति एवं घायलों को मानसिक संबल देने के लिये “ विश्व यादगार दिवस “ मनाया गया।
ग्रुप ट्रेनिंग अकादमी स्कोडा आॅटो वोक्सवेगन प्रा. लि. इंडिया के अध्यक्ष भ्राता मुकुल चैधरी, पुंणे ने पावर पाईंट प्रेजेण्टेशन के द्वारा बताया कि सड़क पर वाहन चलाते समय किन किन बातों का ध्यान रखें। लंबे समय तक गाड़ी चलानी है तो बीच बीच में शरीर को आराम दे तथा मन को श्ंाात रखने के लिये अच्छे गीत म्युजिक आदि सुनें। स्वयं के साथ साथ अपने वाहन से भी प्यार करें। सकारात्मक नजरिया रख गुड फीलिंग के साथ सबकी शुभ भावना और शुभ कामना लेकर चले तो यात्रा आसान हो जायेगा।
इस अवसर पर इंदौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि वाहन चालक कितना भी शिक्षित और प्रतिशिक्षित क्यों न हो यदि उसका मन पर नियन्त्रण नहीं है तो गाड़ी की स्टियरिंग पर भी नियन्त्रण होना असंभव है। जिस प्रकार यात्रा में आवश्यक सामान ही लेकर चलते हैं उसी प्रकार मन के आवश्यक बोझ तनाव, चिंता, परेशानी सब ईश्वर पिता को सौंप दे। उन्हें अपना साथी बनावें। तनाव से बचने के लिये शराब व्यसन आदि का सेवन न करें। आपने बताया कि राजयोग मेडिटेशन द्वारा सब व्यसनों से मुक्त होकर मन की एकाग्रता बढती है जिससे हमारी कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। जिस प्रकार हम अपनी सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करते हुए रोड़ पर चलते हैं, उसी प्रकार जीवन यात्रा में नैतिक मूल्यों को साथ लेकर चलें तो जीवन यात्रा भी आसान हो जायेगा।
इंदौर के ट्रेफिक ड़ी. एस. पी. संतोष उपाध्यक्ष ने कहा कि रोड़ पर दो पहिया वाहन और चार पहिया वाहन चलाने के जितनेे नियम हैं उसकी जानकारी होना आवष्यक है आपने दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाने हेतु बने नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि इन नियमों का गंभीरता से पालन करेंगे तो एक्सीडेन्ट से बचे रहंेगे। बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चलाना, मोबाईल फोन पर बातें करते हुए वाहन चलायेंगे, तेज गति से वाहन चलायेंगे तो रोड़ एक्सीडेन्ट अवश्य होगा।

ट्रेफिक थाना प्रभारी दिलीप सिंह परिहार ने नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई ।

कैलाश बाहेती संचालक रुकमणी मोटर्स एवं रमेश आनंद – डीलर निशान, फाॅक्सवेगन आॅटो मोबाईल इंदौर ने अपनी शुभकामनायें दी। राजयोग की विशेष कमेन्ट्री द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को एवं शोक संतप्त परिवारों को मानसिक संबल देते हुए शांति के प्रकम्पन फैलाये तथा मृत आत्माओं की शांति के लिये दीप जलाकर श्रद्धांजली दी गई। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अनिता ने दिया।

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