‘Happiness or Stress ?’: Five- Day Camp by Brahma Kumaris

Bhilai (Chhattisgarh): “Reading out a well-documented story or presenting facts with critical account of an incident with precision requires great journalistic acumen,” suggested BK Urmila, Senior Rajayoga Teacher from Mount Abu, during a five-day seminar-cum-camp on Happiness and stress-free life which concluded here Thursday.

Addressing the inaugural session of the seminar at Rajyog Bhavan, Sector 7 here Sunday, Urmila said a journalist who undertakes his or her professional responsibilities with commitment should have great courage, integrity and honesty.

Everyone these days lives under stress and strain while the chief need of the day is spirituality, added Urmila.

Recalling an incident from Kargil, she narrated how a young man confronted his ordeals with the strength of spirituality until his last breath. Citing the infamous Nirvaya incident of December 16, 2012 in Delhi, Urmila reminded everyone that the role of media is not only to highlight such gruesome incidents but also to discourage recurrence of such heinous incidents. Differentiating between spirituality and materialism, she said people today are leading “materialistic lives with diminishing patience” and hoped positive sense prevailed in the society.

“Every manufactured product will have an expiry date. Similarly, we humans, have an average life span of 60-70 years during which we reap the results of our own actions (karmas),” she said, adding we must ensure to save precious time and resources with our actions.

BK Poshan called upon the participants to adopt a stress-free life by imbibing spirituality.

BK Taareka presided over the sessions.

Representatives of Shankaracharya School, Maitri Vidya Niketan along with councillors Deshmukh and Bhupesh Sahu participated in the deliberations.


यदि हमने कोई पुस्तक पढ़कर ही, दूसरों को कुछ समझा लिया, तो क्या किया, बड़ी बात तो तब होती है जब कोई घटना घटित हो और उसका इतना स्टॉक तथ्यात्मक और विवेचनात्मक वृत्तांत सामने आ जाए तो ये कार्य केवल एक पत्रकार ही कर सकता है| एक मीडिया सदस्य के सामने बहुअत सी चुनौतियां होती है, सबसे बड़ी चुनौती है, सच छुपाने की | उत्त उदगार संस्था के अंतराष्ट्रीय मुख्यालय से पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने, सेक्टर 7, राजयोग भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान कही | आगे आपने कहा की पत्रकार के सामने देश और समाज की सभी ज़िम्मेदारियाँ होती है जिसे मीडिया बखूबी निभाती है | हमें हिम्मत होनी  चाहिए, हमारा मनोबल ऊँचा होना चाहिए, तब ही हम सफल हो सकते है | आज हर कोई तनाव में जी रहा है, आध्यात्मिकता में बल है | ऑफिस का तनाव घर में पत्नी और बच्चों पर चिड़चिड़ाना, आम हो गया है | दीदी ने कारगिल घटना को बताते हुए कहा की जिसमें कैसे एक जवान को गोली लगने के बाद भी, आध्यात्म बल से उस चुनौती का सामना किया | दिल्ली की दामनी वाली घटना का उद्धरण के माध्यम से आपने बताया की मीडिया का काम केवल घटित घटनाओं को छापना ही नहीं, बल्कि, यह भी की इस प्रकार की घटना की पुनरावृति न हो | दीदी ने आध्यात्मिकता और भौतिकता में अंतर बताते हुए कहा की आज मनुष्य भौतिकता में जी रहा है| उसके  सभी कार्य जल्दी-जल्दी हो जाने चाहिए नहीं तो परेशान हो, अपना धैर्य खो बैठता है | हम बंद दरवाज़ों को ही खटखटाते है, जो दरवाज़े खुले है, वहां हम झांकते भी नहीं है | आशावादी बनो, आप सुरक्षित रहे, देश को आपकी ज़रुरत है, आप सभी मीडिया सदस्य, दशा और दिशा को समझते है | नम्र बने, नेक बने, बड़े बनने के लिए, सभी के साथ मिलकर चलें |

प्रजापिता ब्रह्मा कुमारिस ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा रिसाली,दशेरा मैदान में ख़ुशी या तनाव, स्वयं करें, चुनाव, आयोजित पांच दिवसीय शिविर के पप्रथम सत्र में उर्मिला दीदी ने कहा की हर प्रोडक्ट का मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट होता है, ऐसे ही हम मनुष्यों, का भी बर्थडे और डेड डेट भी निश्चित है | इस रंगमंच पर हमें 50, 60 सालों का पार्ट मिला है | हमें समय, संकल्प और संसाधनों का बचत करना है | आज तृप्त इंसान ही सुखी इंसान है |

बीके पोषण ने सोना उगले सुबह का सूरज गीत गाकर सभी को तनावमुक्त जीवन जीने के प्रेरणा दी, कार्यक्रम का संदर मंच संचालन, बीके ताअरेका ने किया | शंकराचार्य स्कूल के राम टंडन ज, मैत्री विद्या निकेतन के सजीव सर, एल. साहू, पार्षद देशमुख, पार्षद भूपेश साहू आदि उपस्थित रहे |

धैर्यता सबसे बड़ा हतियार है | सर्वप्रथम सभी अतिथियों ने दीप  प्रज्वलन कर, कार्यक्रम का उद्घाटन किया |

ये ख़ुशी ये तनाव स्वयं करें चुनाव शिविर, 31 जनुअरी, 7 – 8 :30 तक दशेरा मैदान, रिसाली में सर्व के लिए निशुल्क रहेगा |