Festival of Joy, Happiness and Love

Vasanth Panchami Festival Celebration at Rajgarh, MP

Rajgarh (Madhya Pradesh):  On the occasion of Vasanth Panchami, the Brahma Kumaris in Rajgarh displayed a young sister posing in the attire of Goddess Saraswati and celebrated the festival with joy and pleasure.

BK Madhu along with elite guests Mr. Rajesh Naagar, State Bank Of India Branch Manager; Mr. Shiv Narayan Namdev, Retired Branch Manager of Gramin Bank; and Mr. Narayan Singh Parihar, the President of Phoolkhedi Society, commenced the function by igniting the festive lamps.

Disclosing the Spiritual meaning of Vasanth Panchami BK Madhu said, “It represents the Transition Period of the World from Kaliyug (the Iron Age) to Satyug (the Golden Age), called Sangamyug (the Confluence Age) when God descends in the body of Brahma on this Earth. This is described in the scriptures as God incarnating as Kalki, sitting on the White Horse, to eliminate totally the Reign of Unrighteousness in the World.”

She further said, “God has already descended at the culmination of Kaliyug(the Iron Age) and is imparting knowledge of the Beginning, Sustenance and Ending of this World.” She said, “The Virgin Girl who imbibed this Spiritual Wisdom deeply in her life is called Mother Saraswati. That’s why She is said to be the Mother and Bestower of Knowledge.” She said that by this Spiritual Wisdom present, Kaliyug (the Iron Age) will end and a new Golden Aged Satyug will begin. So Vasanth Panchami is celebrated as the Festival of Happiness, Joy and Love in our lives.

Mr. Rajesh Naagar, Mr. Narayan Singh Parihar and Mr. Shivnarayan Namdev greeted all those present on the occasion with their Best Wishes.

Then an ovation was given by all the guests and participants to Mother Goddess Saraswati with Camphor Light. Blessing Cards were given to everyone along with Toli (sweet) at the end.

During the celebrations BK Madhu honoured Mr. Rajesh Naagar and Mr. Narayan Singh Parihar with Godly gifts. Mr. Balchand and Smt. Bhamwari rendered sweet devotional songs with fervor which were enjoyed by the audience in their hearts.

In Hindi:

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राजगढ़ में बसंत पंचमी महोत्सव का आयोजन किया गया और मां सरस्वती की सुंदर झांकी सजाई गई ।इस अवसर पर स्टेट बैंक के बैंक मैनेजर राजेश नागर जी, ग्रामीण बैंक की रिटायर्ड बैंक मैनेजर शिवनारायण नामदेव जी, फुलखेडी सोसायटी अध्यक्ष नारायण सिंह परिहार और ब्रह्माकुमारी मधु दीदी ने दीप प्रज्वलन कर के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ब्रह्माकुमारी मधु दीदी ने बसंत पंचमी का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि बसंत पंचमी कलयुग और सतयुग के बीच के संगम युग का यादगार है जिसमें स्वयं परमात्मा इस धरती पर ब्रह्मा के तन में अवतरित होते हैं जिसे शास्त्रों में भी परमात्मा का अवतरण कल्कि अवतार के रूप में सफेद घोड़े पर बताया गया है और आगे बताया कि परमात्मा अभी इस घोर कलयुग में अवतरित हो चुके हैं और ब्रह्मा मुख से सृष्टि के आदि मध्य अंत का ज्ञान सुना रहे हैं और जिसने इस ज्ञान को अपने जीवन में संपूर्ण रीति धारण किया है वह मां सरस्वती के नाम से जानी जाती है इसीलिए मां सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा गया है जो सृष्टि के आदि मध्य अंत का ज्ञान देती है और जिसे सुनने से हमारे जीवन में खुशहाली आती हैं। साथ ही दीदी ने बताया कि इस ज्ञान से कलयुग का अंत और नयी स्वर्णिम दुनिया का उदय होता है इसलिए इसे बसंत उत्सव ,जीवन में खुशहाली लाने वाले उत्सव के रूप में मनाया जाता है। स्टेट बैंक के बैंक मैनेजर र राजेश नागर जी ने शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए सबको बसंत पंचमी की बधाई दी फुलखेडी सोसायटी अध्यक्ष नारायण सिंह परिहार एवं रिटायर्ड बैंक मैनेजर शिवनारायण नामदेव जी ने भी शुभकामनाएं व्यक्त किया ।सभी अतिथियों व भाई बहनों द्वारा मां सरस्वती की आरती की गई ।मां सरस्वती द्वारा सबको दिव्य वरदान रुपी स्लोगन दिए गए ।ब्रह्माकुमारी मधु दीदी ने राजेश नागर जी और नारायण सिंह परिहार जी को ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया।बालचंद भाई और भंवरी माताजी द्वारा इस अवसर पर मां सरस्वती सुंदर गीत प्रस्तुत किये गये।