Commemoration of 50 Years of Service

Golden Jubilee Celebrations by Brahma Kumaris, Chhatarpur

Chhatarpur (Madhya Pradesh): Revered Rajayogini Dadi Hriday Mohini surrendered herself for Godly services from her very childhood as a Brahma Kumari in 1937. When Brahma Baba, Founder of the Brahma Kumaris, left his mortal coil in 1969, she as Trans Messenger started providing Divine Guidance for the last 50 years.

In commemoration, the Brahma Kumaris arranged a Golden Jubilee function in Chhatarpur at their Centre, Sanskar Dham. Nearly 2,000 Brothers and Sisters from the entire District of Chhatarpur and from all the Blocks arrived to make the function a grand success.

BK Avdhesh, Director of Brahma Kumaris Centres in Bhopal Zone, was the Chief Guest. Other Special Guests on the occasion were BK Sangeeta, Ahmedabad; BK Sandhya, Pachmadi; BK Vidya, Khajuraho; BK Nanda, Naugaon; BK Shailaja, Chhatarpur; BK Madhuri, Civil Line; Mr. Sanjeev Nagaria, Lion’s Club President and Managing Director of the Sheeling Group of Education; Mr. Krishna Rawal, Trusty, Gohai Youth Club; Mr. Pramod Ravat, Senior Social Worker and well-known Businessman, who all lit the inaugural lamps.

BK Avdhesh spoke about Revered Dadi Hriday Mohini’s (also called Gulzar Dadi’s) Sacrifice, Penance and Dedication towards the Subtle Divine Services that she was chosen for, as a Divine Trans Messenger.

A special attraction of the function was the Musical performance of famous singer BK Yugratan from Raipur, Chhatisgarh and a Musical Playlet presented by innocent and young child artists, which made the atmosphere lively and full of high spirits.

On this occasion BK Madhukar Rao Ghadge was felicitated for relentless services he has delivered for the past 50 years. Senior BKs who were present were also duly honored.

The entire program was handled by BK Shailaja, local Centre in-Charge of Chhatarpur.

In Hindi:

दादी हृदयमोहनी जी द्वारा अवयक्त पालना के 50वर्ष पूर्ण होने पर मनाया गया भव्य स्वर्णिम वर्ष समारोह

छतरपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी हृदयमोहनी जी के सम्मान में एक कार्यक्रम छतरपुर संस्कार धाम प्रांगण में किया गया। दादी जी सन् 1937 से बाल्यकाल से ही संस्था में समर्पित रूप से सेवाएं प्रदान कर रही हैं। सन् 1937 से 1969 तक ईश्वरीय संदेश एवं प्रारंभिक सेवाओं का कार्य संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के माध्यम से सम्पन्न हुआ तथा 1969 में प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के देहावसान के पश्चात् से यही कार्य ईश्वरीय संदेशपुत्री के रूप में आदरणीय दादी हृदयमोहनी जी के द्वारा सम्मपन्न हो रहा है। ईश्वरीय संदेशवाहक के रूप में दादी जी के 50 वर्ष पूर्ण हाने के उपलक्ष्य में दिनांक 5 फरवरी को आभार निदर्शन अव्यक्त पालना के स्वर्णिम वर्ष समारोह के रूप में मनाया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भोपाल जोन की मुख्य अध्यक्षा आरणीय राजयोगिनी बी.के. अवधेश बहन जी उपस्थित रहीं। अवधेश बहन जी ने दादी जी के त्याग एवं तपस्यायुक्त जीवन और उनकी अथक सेवाओं के बारे में सभा को बताया। इसके साथ-साथ अहमदाबाद से बी.के. संगीता बहन, पचमड़ी से बी.के. संध्या बहन, खजुराहा से बी.के. विद्या बहन, नौगाँव से बी.के. नंदा बहन, छतरपुर सेवाकेन्द्र प्रभारी बी.के. शैलजा बहन जी, सिविल लाईन सेवाकेन्द्र संचलिका बी.के. माधुरी, शीलिंग ग्रुप ऑफ एजूकेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं लायंस क्लब के अध्यक्ष संजीव नगरिया, गहोई यूथ क्लब संरक्षक कृष्णा रावत, वरिष्ट समाजसेवी एवं प्रतिष्ठत व्यापारी प्रमोद रावत मंच पर उपस्थित रही। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंचासीन सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रायपुर, छत्तीसगढ़ से पधारे प्रसिद्ध गायक बी.के. युगरतन भाई द्वारा रंगारंग गीतों का कार्यक्रम एवं नन्हे-मुन्हे बाल कलाकारों द्वारा संगीतमय नृत्य-नाटिका की प्रस्तुती रही।

उक्त कार्यक्रम में बी.के. मधुकर राव घाडगे (नानाजी) के ईश्वरीय सेवाओं में विशेष योगदान एवं समर्पित रूप से सेवाओं में 50 वर्ष पूर्ण होने पर सम्मानित किया गया। साथ ही साथ कार्यक्रम में पधारी समस्त वरिष्ट बहनों का भी सम्मान किया गया। इस मौके पर छतरपुर जिले एवं सभी तहसीलों से बड़ी संख्या में पधारे लगभग 2000 भाई-बहनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन छतरपुर सेवाकेन्द्र संचालिका बी.के. शैलजा के निर्देशन में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।