37th National Conference on ‘Mind-Body Medicine’ Inaugurated

Doctors from all over India attend 37th National Conference on ‘Mind-Body Medicine’

Abu Road (Rajasthan):Spiritual Wisdom for Changing Times” is the theme of the 37th edition of the ‘Mind-Body Medicine’ National conference — organized by the Medical Wing of the Rajayoga Education and Research Foundation and the Brahma Kumaris — inaugurated at the Shantivan campus of the Brahma Kumaris Head Quarters. It saw enthusiastic participation of more than 5,000 doctors from all over India and Nepal.

Inaugurating the conference with candle lighting, Dadi Janki, Chief of the Brahma Kumaris, said that today mental diseases are on the rise. If the mind is healthy, the body will automatically remain disease free. To keep the mind vital and positive, the practice of Rajyoga meditation should be taken up.

The Vice Chancellor of Uttar Pradesh Medical Science University, Professor Rajkumar, said that earlier people used to follow natural lifestyles, hence diseases were few. But the fast and unnatural lifestyles of today give rise to many rare diseases. Assuring mental health with Rajyoga will surely help in resolving this scenario.

BK Nirwair, Secretary General of the Brahma Kumaris, highlighted the importance of physicians practicing Rajyoga. Only a healthy doctor can give health to his patients.

Dr. Partap Midha, Vice President of the Medical Wing, underlined the significance of such conferences in creating awareness.

BK Amirchand, Head of the Social Service wing; BK Dr. Girish Patel, Organizing Secretary, Medical Wing; BK Dr. Banarsi Lal, Secretary of the Medical Wing, and Rajyogini BK Jayanti also shared their thoughts on this occasion.

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माइंड बॉडी मेडिसीन पर जुटे देशभर के विशिष्ट चिकित्सक, सम्मेलन हुआ शुरू
दादी जानकी ने किया उदघाटन कहा- मन की बीमारी ठीक तो सभी बीमारियों का इलाज सम्भव
आबू रोड। ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांतिवन में माइंड बॉडी मेडिसीन का 37वां सम्मेलन शुरू हो गया। इसमें भारत तथा नेपाल से पांच हजार वरिष्ठ चिकित्सक भाग लेने पहुंचे। इस सम्मेलन का उदघाटन दीप जलाकर किया गया। 
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी ने कहा कि आज लोगों में मन की बीमारी तेजी से फैल रही है। अधिकतर बीमारियों की जड़ मन है। यदि मन ठीक है तो सब ठीक है। इसलिए मन को सकारात्मक और स्वस्थ बनाने के लिए राजयोग ध्यान को जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए। इससे ही हमारा सम्पूर्ण और सर्वागिण विकास होगा। आज योग और राजयोग का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। 
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 राजकुमार ने कहा कि पहले के समय में लोग प्राकृतिक तरीके से रहते थे तो बीमारियों की गुंजाइश कम थी। लेकिन आज जितना तेजी से जीवनशैली बदल रही है नयी नयी बीमारियां भी फैल रही है। यदि सकारात्मक सोच और मन को स्वस्थ बनाया जाये तो निश्चित तौर पर इसपर नियंत्रण पाया जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में दिनचर्या और जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहा है। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्था के महासचिव बीके निर्वेर ने कहा कि जब चिकित्सक सकारात्मक होंगे मेडिटेशन के अभ्यासी होंगे तो मरीजों का भी सही इलाज सम्भव है। कार्यक्रम में ग्लोबल हास्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ प्रताप मिडढा, समाज सेवा प्रभाग के अध्यक्ष बीके अमीरचन्द ने भी अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मेलन कई मायनों में अहम होगा। 
कार्यक्रम में मेडिकल प्रभाग के उपाध्यक्ष डॉ गिरिश पटेल, डॉ बनारसी लाल तथा राजयोगिनी बीके जयन्ति तथा अमेरिका की बीके चन्दू ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये।